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Shimla News: शहर में आज से घरों और दुकानों से नहीं उठेगा कूड़ा
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नगर निगम के सुपरवाइजर और सैहब कर्मचारी रहेंगे हड़ताल पर, वेतन न मिलने से नाराज हैं कर्मी
वेतन और ग्रेच्युटी न मिलने पर खफा हैं 650 कर्मचारी
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। नगर निगम में सुपरवाइजर और सैहब (स्वच्छता हेल्पर) कर्मचारी आज से हड़ताल पर रहेंगे। कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने के कारण शहर में 64 हजार घरों और दुकानों से कूड़ा नहीं उठेगा।
शहर में रहने वाले हजारों लोगों को आने वाले दिनों में भी इस परेशानी का सामना करना पड़ेगा। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती हैं यह हड़ताल जारी रहेगी। बायोमीट्रिक हाजिरी न लगाने के कारण शहर के वार्डों में तैनात सुपरवाइजरों का वेतन नगर निगम ने रोक दिया है। वेतन न मिलने के बाद सुपरवाइजर और सैहब कर्मी निगम से खफा हैं।
सैहब सोसायटी वेलफेयर वर्कर यूनियन का कहना है कि नगर निगम प्रशासन सुपरवाइजरों को समय पर वेतन नहीं दे रहा है। इससे न केवल उनके बच्चों की फीस बल्कि बीमारी के दौरान उपचार में लगने वाली दवाओं का खर्च भी पूरा नहीं हो पा रहा है। यही वजह है कि अब सुपरवाइजरों के साथ सैहब के 650 कर्मचारियों ने शुक्रवार से हड़ताल में जाने का निर्णय लिया है। इसके चलते अब शहर में घरों और दुकानों से कूड़ा उठाने का काम बुरी तरह प्रभावित हो जाएगा। शहर में सामान्य दिनों में नगर निगम क्षेत्र के करीब 64 हजार घरों और दुकानों से रोजाना 100 से 120 टन तक कूड़ा उठाया जाता है, लेकिन कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से यह व्यवस्था पूरी तरह बाधित हो जाएगी। कर्मचारियों का कहना है कि उनकी कई लंबित मांगें हैं। इन मांगों में वेतन समय पर देना, छुट्टियां देने, ग्रेच्युटी सुविधा देना, आउटसोर्स कर्मचारियों को सैहब में मर्ज करना और कर्मचारियों के लिए चेंजिंग रूम की व्यवस्था करना शामिल है।
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यूनियन का कहना है कि उनका आरोप है कि बार-बार मांग उठाने के बावजूद निगम प्रशासन ने इन समस्याओं का समाधान नहीं किया जिससे उन्हें हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा। सैहब सोसायटी वेलफेयर वर्कर यूनियन के अध्यक्ष जसवंत सिंह, उपाध्यक्ष अमित भाटिया, सचिव ओम प्रकाश कोषाध्यक्ष नरेश ठाकुर और यूनियन के मुख्य सलाहकार पाला राम ने बताया कि जब तक सुपरवाइजरों को वेतन और उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता तब तक हड़ताल जारी रहेगी।
बायोमीट्रिक हाजिरी लगने पर ही मिलेगा वेतन
नगर निगम का कहना है कि सुपरवाइजरों को बायोमीट्रिक हाजिरी लगाना जरूरी है। यह कोर्ट के आदेश हैं। बीते दिनों हुए इस घटनाक्रम के बाद भी निगम के कर्मचारियों को प्रशासन ने इससे अवगत करवाया था। हालांकि प्रशासन ने भी कर्मचारियों को हाजिरी लगाने को कहा था लेकिन वीरवार शाम तक भी कर्मचारियों ने हाजिरी नहीं लगाई। निगम प्रशासन का कहना था कि अगर वह हाजिरी लगा देते हैं तो खातों में वेतन डाल देंगे। कर्मचारी शुक्रवार को इस मामले पर आयुक्त नगर निगम से मिलने गए थे लेकिन आयुक्त के अवकाश पर होने के कारण यह कर्मचारी भड़क गए और उन्होंने अब हड़ताल पर जाने का फैसला लिया है।
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वेतन और ग्रेच्युटी न मिलने पर खफा हैं 650 कर्मचारी
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। नगर निगम में सुपरवाइजर और सैहब (स्वच्छता हेल्पर) कर्मचारी आज से हड़ताल पर रहेंगे। कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने के कारण शहर में 64 हजार घरों और दुकानों से कूड़ा नहीं उठेगा।
शहर में रहने वाले हजारों लोगों को आने वाले दिनों में भी इस परेशानी का सामना करना पड़ेगा। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती हैं यह हड़ताल जारी रहेगी। बायोमीट्रिक हाजिरी न लगाने के कारण शहर के वार्डों में तैनात सुपरवाइजरों का वेतन नगर निगम ने रोक दिया है। वेतन न मिलने के बाद सुपरवाइजर और सैहब कर्मी निगम से खफा हैं।
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सैहब सोसायटी वेलफेयर वर्कर यूनियन का कहना है कि नगर निगम प्रशासन सुपरवाइजरों को समय पर वेतन नहीं दे रहा है। इससे न केवल उनके बच्चों की फीस बल्कि बीमारी के दौरान उपचार में लगने वाली दवाओं का खर्च भी पूरा नहीं हो पा रहा है। यही वजह है कि अब सुपरवाइजरों के साथ सैहब के 650 कर्मचारियों ने शुक्रवार से हड़ताल में जाने का निर्णय लिया है। इसके चलते अब शहर में घरों और दुकानों से कूड़ा उठाने का काम बुरी तरह प्रभावित हो जाएगा। शहर में सामान्य दिनों में नगर निगम क्षेत्र के करीब 64 हजार घरों और दुकानों से रोजाना 100 से 120 टन तक कूड़ा उठाया जाता है, लेकिन कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से यह व्यवस्था पूरी तरह बाधित हो जाएगी। कर्मचारियों का कहना है कि उनकी कई लंबित मांगें हैं। इन मांगों में वेतन समय पर देना, छुट्टियां देने, ग्रेच्युटी सुविधा देना, आउटसोर्स कर्मचारियों को सैहब में मर्ज करना और कर्मचारियों के लिए चेंजिंग रूम की व्यवस्था करना शामिल है।
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यूनियन का कहना है कि उनका आरोप है कि बार-बार मांग उठाने के बावजूद निगम प्रशासन ने इन समस्याओं का समाधान नहीं किया जिससे उन्हें हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा। सैहब सोसायटी वेलफेयर वर्कर यूनियन के अध्यक्ष जसवंत सिंह, उपाध्यक्ष अमित भाटिया, सचिव ओम प्रकाश कोषाध्यक्ष नरेश ठाकुर और यूनियन के मुख्य सलाहकार पाला राम ने बताया कि जब तक सुपरवाइजरों को वेतन और उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता तब तक हड़ताल जारी रहेगी।
बायोमीट्रिक हाजिरी लगने पर ही मिलेगा वेतन
नगर निगम का कहना है कि सुपरवाइजरों को बायोमीट्रिक हाजिरी लगाना जरूरी है। यह कोर्ट के आदेश हैं। बीते दिनों हुए इस घटनाक्रम के बाद भी निगम के कर्मचारियों को प्रशासन ने इससे अवगत करवाया था। हालांकि प्रशासन ने भी कर्मचारियों को हाजिरी लगाने को कहा था लेकिन वीरवार शाम तक भी कर्मचारियों ने हाजिरी नहीं लगाई। निगम प्रशासन का कहना था कि अगर वह हाजिरी लगा देते हैं तो खातों में वेतन डाल देंगे। कर्मचारी शुक्रवार को इस मामले पर आयुक्त नगर निगम से मिलने गए थे लेकिन आयुक्त के अवकाश पर होने के कारण यह कर्मचारी भड़क गए और उन्होंने अब हड़ताल पर जाने का फैसला लिया है।