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घरों से कूड़ा न उठने के बावजूद शुल्क वसूलेगा निगम
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शिमला। घरों से कूड़ा उठे या न उठे, लेकिन लोगाें को अब हर महीने गारबेज शुल्क चुकाना ही पड़ेगा। शहर के सैकड़ों लोगों को डोर-टू-डोर गारबेज कलेक्शन की सुविधा देने में नाकाम पार्षदों ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।
इससे उन लोगों पर मार पड़ेगी जिन्हें अभी घर का कूड़ा खुद उठाकर कूड़ेदान में फेंकना पड़ रहा है। कई इलाके ऐसे हैं, जहां निगम ने कूड़ेदान तक नहीं लगाया है। यहां लोग नालों में कूड़ा फेंकने को मजबूर हैं। उधर, निगम का तर्क है कि इन इलाकों में रखे कूड़ेदान भी एमसी उठा रहा है। दावा है कि नालों का कचरा भी निगम साफ करता है, इसीलिए इन लोगों से भी शुल्क लिया जाएगा। लेकिन सच्चाई यह भी है कि ज्यादातर इलाकों में न तो कूड़ेदान है और न ही नालों की सफाई होती है। ये घर सड़क से दूर हैं और सैहबकर्मी यहां जाना नहीं चाहते। कनलोग के कल्याणा, विकासनगर, पंथाघाटी के निचले इलाकों समेत शहर भर में कई क्षेत्रों से आज भी कूड़ा नहीं उठ रहा है। इन्हें अब बाकी लोगों के बराबर शुल्क देना होगा। निगम चाहता तो इनका शुल्क कम कर थोड़ी राहत दे सकता था, लेकिन यह तब होगा जब पार्षदों को जनता की परेशानी पता होगी।
पहले पैसा दो, तभी मिलेगी एनओसी
निगम हर सुविधा के लिए अनिवार्य की गई कूड़े की एनओसी की आड़ में यह वसूली करेगा। नगर निगम में आए दिन इन इलाकों से लोग कूड़े की एनओसी के लिए पहुंच रहे हैं। एफसीपीसी की बैठक में मेयर कुसुम सदरेट के अलावा पार्षद संजय परमार, तनुजा चौधरी और आनंद कौशल ने इस प्रस्ताव को सही ठहराते हुए मंजूरी दे दी। मेयर ने कहा कि लोग कूड़ा शुल्क देने को तैयार हैं, इसीलिए प्रस्ताव पारित किया गया है।
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काम्बरमेयर पुल के लिए भी मिली एनओसी
नगर निगम ने काम्बरमेयर के पास नाले पर बनने वाले पुल को भी एनओसी दे दी है। यह पुल लोक निर्माण विभाग बनाएगा। हालांकि, इसका काम इतना सुस्त है कि पिछले तीन साल से एनओसी लेने की प्रक्रिया ही खत्म नहीं हो रही है।
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इससे उन लोगों पर मार पड़ेगी जिन्हें अभी घर का कूड़ा खुद उठाकर कूड़ेदान में फेंकना पड़ रहा है। कई इलाके ऐसे हैं, जहां निगम ने कूड़ेदान तक नहीं लगाया है। यहां लोग नालों में कूड़ा फेंकने को मजबूर हैं। उधर, निगम का तर्क है कि इन इलाकों में रखे कूड़ेदान भी एमसी उठा रहा है। दावा है कि नालों का कचरा भी निगम साफ करता है, इसीलिए इन लोगों से भी शुल्क लिया जाएगा। लेकिन सच्चाई यह भी है कि ज्यादातर इलाकों में न तो कूड़ेदान है और न ही नालों की सफाई होती है। ये घर सड़क से दूर हैं और सैहबकर्मी यहां जाना नहीं चाहते। कनलोग के कल्याणा, विकासनगर, पंथाघाटी के निचले इलाकों समेत शहर भर में कई क्षेत्रों से आज भी कूड़ा नहीं उठ रहा है। इन्हें अब बाकी लोगों के बराबर शुल्क देना होगा। निगम चाहता तो इनका शुल्क कम कर थोड़ी राहत दे सकता था, लेकिन यह तब होगा जब पार्षदों को जनता की परेशानी पता होगी।
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पहले पैसा दो, तभी मिलेगी एनओसी
निगम हर सुविधा के लिए अनिवार्य की गई कूड़े की एनओसी की आड़ में यह वसूली करेगा। नगर निगम में आए दिन इन इलाकों से लोग कूड़े की एनओसी के लिए पहुंच रहे हैं। एफसीपीसी की बैठक में मेयर कुसुम सदरेट के अलावा पार्षद संजय परमार, तनुजा चौधरी और आनंद कौशल ने इस प्रस्ताव को सही ठहराते हुए मंजूरी दे दी। मेयर ने कहा कि लोग कूड़ा शुल्क देने को तैयार हैं, इसीलिए प्रस्ताव पारित किया गया है।
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काम्बरमेयर पुल के लिए भी मिली एनओसी
नगर निगम ने काम्बरमेयर के पास नाले पर बनने वाले पुल को भी एनओसी दे दी है। यह पुल लोक निर्माण विभाग बनाएगा। हालांकि, इसका काम इतना सुस्त है कि पिछले तीन साल से एनओसी लेने की प्रक्रिया ही खत्म नहीं हो रही है।