{"_id":"68de8b2a95d361afc10540e8","slug":"gandhis-principles-of-truth-and-non-violence-are-his-greatest-legacy-uma-shimla-news-c-19-sml1002-610964-2025-10-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"गांधी के सत्य और अहिंसा के \nसिद्धांत सर्वोच्च धरोहर : उमा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गांधी के सत्य और अहिंसा के सिद्धांत सर्वोच्च धरोहर : उमा
विज्ञापन
एडवांस्ड स्टडी में विशेष समारोह का आयोजन
महात्मा गांधी का जीवन हमारे लिए सतत प्रेरणा : प्रो. हिमांशु
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान (एडवांस्ड स्टडी) शिमला में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 156वीं जयंती और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर विशेष समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महात्मा गांधी के विचारों और आदर्शों को केंद्र में रखते हुए उनके जीवन-दर्शन की प्रासंगिकता पर विस्तृत विमर्श हुआ।
संस्थान की अध्येता प्रोफेसर उमा अनंतानी ने कहा कि गांधी के सत्य और अहिंसा के सिद्धांत मानवता की सर्वोच्च धरोहर है। गांधी ने राजनीतिक स्वतंत्रता के साथ समाज में नैतिक चेतना और समानता को महत्व दिया। वरिष्ठ अध्येता प्रोफेसर बृजेंद्र पांडेय ने कहा कि गांधी का सत्याग्रह केवल एक राजनीतिक उपकरण नहीं, बल्कि आत्मबल और आस्था की शक्ति का प्रतीक था। प्रो. पांडेय ने गांधी की प्रासंगिकता पर बल देते हुए कहा कि वैश्विक स्तर पर भी उन्हें सत्य, अहिंसा और शांति का पर्याय माना जाता है। उन्होंने कहा कि लाल बहादुर शास्त्री ने गांधी की शिक्षाओं को आत्मसात कर सरलता, ईमानदारी और राष्ट्रप्रेम का उदाहरण प्रस्तुत किया। संस्थान के निदेशक प्रो. हिमांशु कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि महात्मा गांधी का जीवन हमारे लिए सतत प्रेरणा है।
उन्होंने कहा कि गांधी हमें बतलाते हैं कि सच्चा राष्ट्र निर्माण केवल सत्ता परिवर्तन से नहीं, बल्कि नैतिक उत्थान से संभव है। प्रो. चतुर्वेदी ने रेखांकित किया कि गांधी के विचारों को आत्मसात करना ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने ग्राम स्वराज, आत्मनिर्भरता और स्वच्छता जैसे विचारों को आज के युग में भी उतना ही आवश्यक बताया। संस्थान के सचिव मेहरचंद नेगी द्वारा धन्यवाद ज्ञापन से हुआ। समारोह का संचालन जनसंपर्क अधिकारी अखिलेश पाठक द्वारा किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
महात्मा गांधी का जीवन हमारे लिए सतत प्रेरणा : प्रो. हिमांशु
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान (एडवांस्ड स्टडी) शिमला में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 156वीं जयंती और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर विशेष समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महात्मा गांधी के विचारों और आदर्शों को केंद्र में रखते हुए उनके जीवन-दर्शन की प्रासंगिकता पर विस्तृत विमर्श हुआ।
संस्थान की अध्येता प्रोफेसर उमा अनंतानी ने कहा कि गांधी के सत्य और अहिंसा के सिद्धांत मानवता की सर्वोच्च धरोहर है। गांधी ने राजनीतिक स्वतंत्रता के साथ समाज में नैतिक चेतना और समानता को महत्व दिया। वरिष्ठ अध्येता प्रोफेसर बृजेंद्र पांडेय ने कहा कि गांधी का सत्याग्रह केवल एक राजनीतिक उपकरण नहीं, बल्कि आत्मबल और आस्था की शक्ति का प्रतीक था। प्रो. पांडेय ने गांधी की प्रासंगिकता पर बल देते हुए कहा कि वैश्विक स्तर पर भी उन्हें सत्य, अहिंसा और शांति का पर्याय माना जाता है। उन्होंने कहा कि लाल बहादुर शास्त्री ने गांधी की शिक्षाओं को आत्मसात कर सरलता, ईमानदारी और राष्ट्रप्रेम का उदाहरण प्रस्तुत किया। संस्थान के निदेशक प्रो. हिमांशु कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि महात्मा गांधी का जीवन हमारे लिए सतत प्रेरणा है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि गांधी हमें बतलाते हैं कि सच्चा राष्ट्र निर्माण केवल सत्ता परिवर्तन से नहीं, बल्कि नैतिक उत्थान से संभव है। प्रो. चतुर्वेदी ने रेखांकित किया कि गांधी के विचारों को आत्मसात करना ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने ग्राम स्वराज, आत्मनिर्भरता और स्वच्छता जैसे विचारों को आज के युग में भी उतना ही आवश्यक बताया। संस्थान के सचिव मेहरचंद नेगी द्वारा धन्यवाद ज्ञापन से हुआ। समारोह का संचालन जनसंपर्क अधिकारी अखिलेश पाठक द्वारा किया गया।
विज्ञापन