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इस कैंटीन में फ्री मिलेंगे चाय और बिस्कुट
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Sat, 25 Oct 2014 10:07 PM IST
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प्रदेश के सबसे बड़े स्वास्थ्य संस्थान आईजीएमसी के कैंसर विभाग में शनिवार को निशुल्क कैंटीन सेवा का आरंभ किया गया। कैंटीन का उद्घाटन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने किया। वीरभद्र सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार प्राथमिकता के आधार स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार कर रही है।
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ऑलमाईटी ब्लैसिंगज संस्था की ओर से स्थापित कैंटीन में मरीजों, तीमारदारों को सुबह सात से आठ बजे तक चाय और बिस्कुट मुफ्त में दिए जाएंगे। कैंसर विभाग में कोई कैंटीन न होने के चलते लोगों को पैसे खर्च कर भी खाने को कुछ नहीं मिल पाता।
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इस कैंटीन में आने वाले हजारों लोगों को फ्री चाय और बिस्कुट मिलेंगे। यह कैंटीन लोगों के दान से चलेगी। जैसे-जैसे लोग जुड़ते जाएंगे, इसमें मरीजों को निशुल्क खिचड़ी भी मिलेगी। 24 घंटे यह कैंटीन खुली रहेगी। हिमाचल प्रदेश में यह अपनी तरह की पहली कैंटीन है, जिसमें आने वाले हर व्यक्ति को कोई बिल नहीं चुकाना होगा।
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शुरुआती चरण में कैंटीन सुबह सात से आठ बजे तक खुली रहेगी। इसमें जो भी लोग इस समय पर आएंगे उन्हें फ्री में चाय बिस्कुट दिए जाएंगे। गरीब और असहाय लोगों के लिए इतना खर्च कर पाना मुमकिन नहीं रहता। कई मर्तबा पैसा न होने के कारण भूखे पेट ही मरीज की तीमारदारी में जुट जाते हैं।
आईजीएमसी में मुफ्त मिल रहा खिचड़ी, दलिया
आईजीएमसी की कैंटीन में 17 अक्तूबर से मरीजों को फ्री में दलिया और खिचड़ी भी दिया जा रहा है। कैंटीन संचालक और पूर्व पार्षद महेंद्र चौहान ने यह सुविधा शुरू की है। सुबह आठ बजे से शाम तक मरीजों को यह सुविधा कैंटीन में देने का दावा किया गया है।
पहले कैंटीन में मरीज को दलिया और खिचड़ी के लिए 20 रुपये प्रति प्लेट चुकाना पड़ते थे, आईजीएमसी परिसर में दो कैंटीन हैं। इनमें एक कैंटीन डाक्टर और अस्पताल के कर्मचारियों के लिए है। दूसरी कैंटीन मरीजों और तीमारदारों के लिए हैं। दोनों ही कैंटीनें महेंद्र चौहान के पास हैं।