राहत नहीं उपभोक्ताओं को तकलीफ दे रहीं बीमा कंपनियां
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हिमाचल में बीमा कंपनियों की सेवाओं में कमी उपभोक्ताओं पर भारी पड़ रही है। हिमाचल प्रदेश स्टेट कंज्यूमर डिस्प्यूट्स रिड्रेसल कमीशन (एचपीएससीडीआरसी) का आंकड़ों से इसका खुलासा हुआ है। कमीशन के पास अब तक पहुंचे सबसे ज्यादा 3367 मामले बीमा कंपनियों से ही जुड़े हैं। इसके बाद टेलीफोन कंपनियां लोगों को तकलीफ दे रही हैं। इनके खिलाफ दर्ज होने वाले मामले तकरीबन डेढ़ हजार यानी 1486 हैं।
इसके बाद बैंकिंग, हाउसिंग और बिजली के मामले आते हैं। इन महकमों के खिलाफ क्रमश: 453, 338 और 239 शिकायतें कमीशन के पास पहुंची हैं। कंज्यूमर रिड्रेसल कमीशन में 2001 से लेकर इस 30 जून तक कुल 26 हजार 196 मामले दर्ज हुए हैं। इनमें से 26 हजार का हालांकि निपटारा भी हो चुका है। जिला फोरम की बात करें तो उनमें अब तक 61 हजार 618 मामले आए हैं। वहां भी सबसे ज्यादा शिकायतें बीमा कंपनियों की ही पहुंची हैं।
13 हजार 470 शिकायतें
शिमला, मंडी, ऊना, कांगड़ा जिला फोरम के आंकड़ों पर नजर डालें तो बीमा कंपनियां 13 हजार 470 शिकायतों के साथ लोगों की दिक्कत का सबसे बड़ा कारण बनकर सामने आई हैं। यहां भी टेलीफोन कंपनियां बीमा कंपनियों के बाद लोगों को परेशानी दे रही हैं। इनके खिलाफ 10 हजार से अधिक शिकायतें दर्ज की गई हैं। इसके बाद हाउसिंग बिजली और बैंकिंग कंपनियां लोगों की मुसीबत का सबब बनी हुई हैं।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक इनके खिलाफ क्रमश: 2818 और 2277 मामले अभी तक दर्ज किए गए हैं। बता दें कि शिमला जिला फोरम में शिमला के साथ ही सिरमौर और किन्नौर, मंडी में मंडी, कुल्लू और लाहौल-स्पीति, ऊना में हमीरपुर, ऊना और बिलासपुर, जबकि कांगड़ा जिला फोरम के धर्मशाला स्थित परिसर में कांगड़ा समेत सोलन, चंबा के मामले सुने जाते हैं।