फ्रांस की मदद से हिमाचल में बनेगी स्मार्ट सिटी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हिमाचल प्रदेश में फ्रांस की मदद से स्मार्ट सिटी बनेगी। इसका प्रारूप तैयार करने के लिए फ्रांस के एंबेसडर एफ रिचर के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल 15 से 17 अक्तूबर तक राजधानी शिमला के दौरे पर आएगा। यहां पर मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह, शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा, मुख्य सचिव पी मित्रा समेत अन्य अधिकारियों से प्रतिनिधिमंडल मुलाकात करेगा।
इस दौरान प्रदेश के स्मार्ट सिटी, परिवहन सेवा, जल प्रबंधन, सौर ऊर्जा, शहरी सुरक्षा समेत अन्य क्षेत्रों में निवेश पर भी विस्तार से बातचीत की जाएगी। हिमाचल प्रदेश सरकार की ओर से शिमला और धर्मशाला को स्मार्ट सिटी बनाने का प्रस्ताव केंद्र को भेजा है। इसमें से किस शहर को केंद्र सरकार फाइनल कर रही है, अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है।
लेकिन सूबे की सरकार की कोशिश है कि दोनों ही शहरों को स्मार्ट सिटी के तौर पर विकसित किया जाए। हिमाचल में स्मार्ट सिटी बनाने में फ्रांस मदद करे, इसके लिए केंद्र सरकार ने फ्रांस से बातचीत की है। इसके बाद यह दौरा अहम माना जा रहा है।
परिवहन सेवाओं पर भी होगी चर्चा
हिमाचल प्रदेश के शिमला, धर्मशाला और मंडी के शहरी क्षेत्रों में परिवहन सेवाएं कैसे बेहतर की जाएं, इसके लिए कौन-कौन से वैकल्पिक परिवहन सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं, इस पर चर्चा होगी। खासकर रोपवे, मोनो रेल सहित अन्य परिवहन की सुविधा कैसे मुहैया कराई जा सकती हैं, इसमें फ्रांस किस तरह से मदद कर सकता है इस सब पर हिमाचल और फ्रांस के बीच बातचीत हो सकती है।
हिमाचल प्रदेश में सौर ऊर्जा को कैसे प्रमोट किया जा सकता है। जिन क्षेत्रों में बिजली के तार नहीं पहुंच सकते, उन क्षेत्रों में सौर ऊर्जा के माध्यम से बिजली कैसे पहुंचाई जा सकती है। इस तकनीक पर भी बातचीत होने की संभावना है। इससे अक्षय ऊर्जा को प्रोत्साहित करने में भी मदद मिल सकती है। बर्फबारी के दौरान तमाम क्षेत्र बिजली से कट जाते हैं, जिसे रि स्टोर करने में काफी परेशानी उठानी पड़ती है।
पन बिजली पर भी होगा विचार
हिमाचल प्रदेश के पनबिजली परियोजनाओं में निवेश करने के लिए भी प्रदेश सरकार की ओर से प्रस्ताव दिया जाएगा। इस क्षेत्र में निवेश करने की अपार संभावनाएं हैं। हिमाचल प्रदेश पावर कारपोरेशन की ओर से कई पावर प्रोजेक्ट बनाए जा रहे हैं, जिसे बनाने के लिए वित्तीय मदद की जरूरत है। इसके लिए हिमाचल सरकार फ्रांस से निवेश करने की मांग कर सकती है।
हिमाचल प्रदेश में जल प्रबंधन और आपूर्ति को बेहतर करने पर भी फ्रांस के साथ विस्तार से चर्चा होने की संभावना है। इस दौरान फ्रांस की ओर से प्रेजेंटेशन भी दिया जा सकता है। इसके जरिये सरकार शहरी क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति बेहतर करने का प्रयास करेगी। दूसरी ओर शहरी सुरक्षा को और मजबूत करने पर भी बातचीत की जाएगी।
फ्रांस का प्रतिनिधिमंडल 15 अक्तूबर को शिमला पहुंच रहा है। इस दौरान कई क्षेत्रों में निवेश करने को लेकर बातचीत की जानी है। - सुधीर शर्मा, शहरी विकास मंत्री, हिमाचल प्रदेश