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आईजीएमसी में एक मरीज के साथ चार-चार तीमारदार
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Four person comes in IGMC with patient
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वार्डों में भीड़ बढ़ने से संक्रमण का खतरा, एक मरीज के साथ रुक सकता है एक तीमारदार
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच आईजीएमसी में मरीजों से ज्यादा उनके तीमारदारों की भीड़ डराने लगी है। आलम यह है कि अस्पताल में एक मरीज की सेवा करने के लिए चार-चार तीमारदार अस्पताल आ रहे हैं।
अस्पताल के वार्ड और रैंप तीमारदारों तथा उनके सामान से भरे पड़े हैं। अस्पताल प्रबंधन भी इस मामले पर मूकदर्शक बना हुआ है। इससे अस्पताल में कोरोना संक्रमण फैलने का खतरा बना हुआ है। सोमवार को संवाददाता ने अस्पताल के विभिन्न वार्डों का जायजा लिया तो यहां पर ऐसी स्थिति देखने को मिली।
अस्पताल प्रबंधन ने पीजीआई की तर्ज पर एक मरीज के साथ एक तीमारदार के रहने की व्यवस्था शुरू की है लेकिन इस पर अमल नहीं हो रहा। अस्पताल के मेडिसिन, सर्जरी आर्थो, बाल रोग वार्ड मरीजों और उनके तीमारदारों से भर गए हैं। मेडिसिन वार्ड में एक बिस्तर पर दो-दो मरीज दाखिल हैं। वार्डों के बाहर रैंप पर एक मरीज के चार-चार परिजन अपना सामान रखकर उनकी देखभाल में जुटे हैं। दूसरी ओर यहां पर सफाई व्यवस्था भी ठप है। पूछने पर बताया कि जब यह लोग यहां से सामान हटाएंगे उसके बाद ही सफाई हो पाएगी। कोरोना के कारण अस्पताल में अधिक भीड़ जुटने और प्रबंधन द्वारा व्यवस्था में सुधार न करने से अधिक लोगों के संक्रमित होने की आशंका है। प्रबंधन का कहना है कि वह अपना कार्य करते हैं। इसके अलावा वार्डों में दाखिल मरीजों के तीमारदारों को समझाने का कार्य सिस्टर का भी है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच आईजीएमसी में मरीजों से ज्यादा उनके तीमारदारों की भीड़ डराने लगी है। आलम यह है कि अस्पताल में एक मरीज की सेवा करने के लिए चार-चार तीमारदार अस्पताल आ रहे हैं।
अस्पताल के वार्ड और रैंप तीमारदारों तथा उनके सामान से भरे पड़े हैं। अस्पताल प्रबंधन भी इस मामले पर मूकदर्शक बना हुआ है। इससे अस्पताल में कोरोना संक्रमण फैलने का खतरा बना हुआ है। सोमवार को संवाददाता ने अस्पताल के विभिन्न वार्डों का जायजा लिया तो यहां पर ऐसी स्थिति देखने को मिली।
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अस्पताल प्रबंधन ने पीजीआई की तर्ज पर एक मरीज के साथ एक तीमारदार के रहने की व्यवस्था शुरू की है लेकिन इस पर अमल नहीं हो रहा। अस्पताल के मेडिसिन, सर्जरी आर्थो, बाल रोग वार्ड मरीजों और उनके तीमारदारों से भर गए हैं। मेडिसिन वार्ड में एक बिस्तर पर दो-दो मरीज दाखिल हैं। वार्डों के बाहर रैंप पर एक मरीज के चार-चार परिजन अपना सामान रखकर उनकी देखभाल में जुटे हैं। दूसरी ओर यहां पर सफाई व्यवस्था भी ठप है। पूछने पर बताया कि जब यह लोग यहां से सामान हटाएंगे उसके बाद ही सफाई हो पाएगी। कोरोना के कारण अस्पताल में अधिक भीड़ जुटने और प्रबंधन द्वारा व्यवस्था में सुधार न करने से अधिक लोगों के संक्रमित होने की आशंका है। प्रबंधन का कहना है कि वह अपना कार्य करते हैं। इसके अलावा वार्डों में दाखिल मरीजों के तीमारदारों को समझाने का कार्य सिस्टर का भी है।
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