बीच सड़क पर दर्द से चिल्लाता रहा घायल, पुलिस बनाती रही वीडियो
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शिलाई-सतौन सड़क मार्ग पर रविवार देर शाम स्कूटी और बाइक की टक्कर में चार लोग घायल हो गए। हादसा स्थल पर बुरी तरह घायल एक युवक मदद को चिल्लाता रहा, लेकिन पुलिस मदद करना भूल कर घायलों की वीडियोग्राफी बनाने में मशगूल रही।
यही नहीं, राहगीर भी घायल की सेल्फी लेते रहे, लेकिन मदद करने कोई आगे नहीं आया। पुलिस और राहगीरों की उक्त संवेदनहीनता तब सामने आई, जब इससे संबंधित एक वीडियो वायरल हुआ। वीडियो वायरल होते ही लोग पुलिस की कार्यप्रणाली और संवेदनहीनता की निंदा कर रहे हैं।
हालांकि, पुलिस का तर्क है कि घायलों को समय पर अस्पताल ले जाया गया था। वायरल वीडियो देखकर सोशल मीडिया पर धड़ाधड़ कमेंट आ रहे हैं। वहीं बचाव में आई पुलिस ने भी जांच शुरू कर दी है। एसपी ने डीएसपी पांवटा को जांच के आदेश दिए हैं।
यहां जानिए पूरा मामला
रविवार देर शाम राजबन में हादसे का वीडियो वायरल हुआ था। हादसे में चार लोगों को चोटें आई थीं। आरोप है कि मौके पर पहुंची पुलिस टीम घायलों को अस्पताल पहुंचाने की बजाय हादसे की फोटोग्राफी करती रही।
वीडियो में एक घायल मानवता की दुहाई देते हुए खुद को अस्पताल पहुंचाने के लिए लोगों को पुकारता हुआ दिख रहा है। हालांकि, कॉल के बावजूद शीघ्र 108 नंबर गाड़ी भी मौके पर नहीं पहुंची तो निजी वाहनों में 2-2 घायलों को सिविल अस्पताल पांवटा पहुंचाया गया।
वीडियो के वायरल होने पर एसपी सिरमौर ने कड़ा संज्ञान लिया है। उन्होंने मामले की जांच के लिए डीएसपी पांवटा को निर्देश दिए हैं। डीएसपी पांवटा प्रमोद चौहान ने कहा कि शुरुआती जांच में आरोप बेबुनियाद नजर आ रहे हैं।
पुलिस टीम ने मौके पर पहुंच कर एंबुलेंस को कॉल किया। टीम ने केवल रोड पर पड़ी बाइक और स्कूटी की फोटो खींची है। एंबुलेंस नहीं आने पर निजी वाहनों से 2-2 घायलों को पांवटा अस्पताल पहुंचाया गया।
नेशनल हाईवे पर लंबा जाम न लगे, इसलिए वाहनों को मौके से हटाया गया। संक्षिप्त वीडियो में जो घायल बोल रहा है, वह नशे की हालत में बाइक चला रहा था। आरोपी के मेडिकल में भी नशा करने की पुष्टि हुई है।