पूर्व डीजीपी आईडी भंडारी की किताब का विमोचन, उठाए ये बड़े सवाल
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पूर्व डीजीपी आईडी भंडारी का कहना है कि पूर्व वीरभद्र सरकार के समय में रहे डीजीपी तक को यानी उन्हें झूठे केस में फंसाया गया, ऐसे में आम आदमी के साथ कैसा बर्ताव होता रहा होगा, इसकी कल्पना की जा सकती है?
इस सवाल को उठाते हुए पूर्व डीजीपी आईडी भंडारी ने बुधवार को अपनी किताब ‘मिडनाइट रेड’ का बिलासपुर में विमोचन किया। उन्होंने इस किताब में पिछली वीरभद्र सरकार को लपेटा है।
भंडारी ने इस किताब के माध्यम से पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह पर अधिकारियों पर दबाव बनाकर फोन टैपिंग का फर्जी मुकदमा बनाने के आरोप लगाए हैं। भंडारी ने कथित फोन टैपिंग के पूरे घटनाक्रम को इस पुस्तक का आधार बनाया है।
इस पुस्तक में कई अफसरों को प्रताड़ित करने समेत गैर कानूनी कार्रवाई को अंजाम देने के आरोप लगाए हैं। भंडारी ने लोकार्पण के समय स्पष्ट किया कि 246 पन्नों की इस किताब में उन्होंने वीरभद्र सिंह की ओर से अफसरों पर डाले गए दबाव को सिलसिलेवार कलमबद्ध किया है।
हाथों हाथ बिकीं 500 किताबें
पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में भंडारी ने कहा ‘अगर मेरा आचरण ठीक न होता तो कोर्ट मुझे क्लीन चिट नहीं देता। मुझे बेवजह के मामले में फंसाया गया।’उन्होंने अपने साथ हुई प्रताड़ना का भी खुलकर जिक्र किया।
किताब में फोन टैपिंग मामले की जांच के तहत कंप्यूटरों को कब्जे में लेने के लिए आधी रात के गैर कानूनी ऑपरेशन को अंजाम देने की बात लिखी है। भंडारी का कहना है कि जिस तरह से संबंधित कंप्यूटर विभिन्न हाथों में गए हैं, यह इंटेलिजेंस एजेंसियों की इतिहास में पहली बार हुआ होगा।
पूर्व डीजीपी आईडी भंडारी की किताब ‘मिडनाइट रेड’ पुस्तक का विमोचन होने के तुरंत बाद इसकी प्रतियां बिना शुरू हो गईं। प्रकाशक पंकज शर्मा की मानें तो पहले दिन करीब 500 पुस्तकों की बिक्री हुई है। किताब का मूल्य 395 रुपये रखा गया है।