हिमाचल: नीरज भारती के निष्कासन पर मुहर, मीडिया में एक-दूसरे के खिलाफ बयान देने पर लगाई रोक
समिति ने कड़ी चेतावनी दी है कि मीडिया या सोशल मीडिया पर एक-दूसरे के खिलाफ कोई भी कांग्रेस नेता नहीं बोलेंगे। वरना कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जो भी बात होगी, वह पार्टी के प्लेटफॉर्म पर ही होगी।
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पूर्व मुख्य संसदीय सचिव एवं कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष रहे नीरज भारती के निष्कासन के फैसले पर पार्टी की अनुशासन समिति ने अपनी मुहर लगा ली है। उन्हें छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित किया गया है। इसके अलावा समिति ने कड़ी चेतावनी दी है कि मीडिया या सोशल मीडिया पर एक-दूसरे के खिलाफ कोई भी कांग्रेस नेता नहीं बोलेंगे। वरना कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जो भी बात होगी, वह पार्टी के प्लेटफॉर्म पर ही होगी। हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अनुशासन समिति के अध्यक्ष कुलदीप सिंह ठाकुर की अध्यक्षता में पार्टी के राज्य कार्यालय राजीव भवन शिमला में महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस बैठक में सदस्य उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान, विधायक आशीष बुटेल, बावा हरदीप सिंह और अनुराधा ठाकुर मौजूद हुए।
विधायक भवानी सिंह पठानिया वर्चुअल माध्यम से जुड़े। कुलदीप सिंह राठौर ने मीडिया में बातचीत में कहा कि निर्णय यह लिया गया है कि आने वाले समय में पार्टी सख्त रवैया अपनाएगी। कोई भी पार्टी का पदाधिकारी और कांग्रेस पार्टी संगठन से जुड़ा व्यक्ति न तो मीडिया में जाएगा और न ही सोशल मीडिया में ही जाएगा, जिससे पार्टी को नुकसान हो। अगर किसी को भी किसी से शिकायत है। चाहे सरकार से हो या कांग्रेस के किसी पदाधिकारी से हो तो वह पार्टी अध्यक्ष को लिख सकता है। उन्होंने कहा कि मीडिया में जाने को अनुशासनहीनता समझा जाएगा। उन्होंने कहा कि कई जगह पर पार्टी के पदाधिकारी परस्पर बयानबाजी कर रहे हैं। यह अनुशासन समिति की पहली बैठक थी। किसी का मनमुटाव तो प्रदेश कांग्रेस कमेटी या अनुशासन समिति के समक्ष मामला उठाएं। इस बैठक में यह साफ तौर पर तय किया गया है कि किसी भी तरह की अनुशासनहीनता पर पार्टी सख्त कार्रवाई करेगी।
अनुशासन समिति ने तीन अन्य को भी पार्टी से निकाला
शिमला। अनुशासन समिति ने तीन अन्य नेताओं ऊना से शिव हरिपाल, मंडी से लाभ सिंह और आकाश शर्मा को पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए कांग्रेस से निष्कासित करने की सिफारिश की है। उसके बाद प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने इन्हें भी छह साल के लिए निष्कासित किया है।