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ऊना: डॉ. के सिवन बोले- टेस्टिंग के बाद शुरू होगा चंद्रयान मिशन
Sat, 15 Oct 2022 05:38 PM IST
अरविन्द ठाकुर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Sat, 15 Oct 2022 05:38 PM IST
सार
बतौर इसरो अध्यक्ष अपने अनुभव साझा करते हुए डॉ. के सिवन ने कहा कि उनका अनुभव बेहद अच्छा रहा है। उन्होंने एक विश्वास पैदा करने का काम किया है।
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इसरो के पूर्व अध्यक्ष डॉ. के सिवन
- फोटो : PTI
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विस्तार
इसरो के पूर्व अध्यक्ष एवं अंतरिक्ष विभाग के पूर्व सचिव डॉ. के सिवन ने कहा कि चंद्रयान-2 में त्रुटियों को चिह्नित कर इन्हें दूर कर लिया गया है। इन दिनों टेस्टिंग चल रही है। इसके बाद चंद्रयान मिशन शुरू होगा। वह शनिवार को ऊना के सलोह स्थित भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (ट्रिपल आईटी) के दीक्षांत समारोह में मुख्यातिथि थे। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि इसरो कई अच्छे प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है।
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नासा के साथ भी इसरो कई प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है। इनमें एक नासा इसरो सिंथेटिक अपर्चर रडार सेटेलाइट (एनआईएसआर) है। अत्याधुनिक सेटेलाइट के जरिये कई चीजों को मुमकिन करने का प्रयास चल रहा है। इसके तहत धरती पर एक सेंटीमीटर से 700 किलोमीटर तक हलचल की निगरानी कर सकता है। यह अंतरिक्ष की बेहतरीन एप्लीकेशन होगी। इसरो में भविष्य को लेकर पूछे गए प्रश्न पर उन्होंने कहा कि इसरो के लिए ही नहीं, बल्कि अन्य क्षेत्र के लिए भी कुछ चीजें निर्धारित करनी चाहिए।
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विद्यार्थी अपने कॅरिअर क्षेत्र को खुद निर्धारित करें। क्षमता के अनुसार ही कॅरिअर में आगे बढ़कर सफलता पा सकते हैं। अपने काम करने के प्रति जनून होना बेहद जरूरी है। कुछ नया करने के लिए इनोवेशन के साथ रिस्क लेना भी जरूरी रहता है। कहा कि श्रीहरी कोटा से अगले सेटेलाइट लांच एक या दो सप्ताह में होने की उम्मीद है। बतौर इसरो अध्यक्ष अपने अनुभव साझा करते हुए उन्होंने कहा कि उनका अनुभव बेहद अच्छा रहा है।
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उन्होंने एक विश्वास पैदा करने का काम किया है। उनके कार्यकाल में कई सेटेलाइट मंजूर हुए हैं। गगनयान कार्यक्रम की मंजूरी मिलना उनके लिए बेहद खुशी भरा लम्हा रहा है। ट्रिपल आईटी के निदेशक प्रो. एस. सेल्वकुमार, रजिस्ट्रार अमरनाथ गिल व अन्य मौजूद रहे।