{"_id":"5f413e708a5cdd27883a8d41","slug":"forgery-125-government-officials-including-assistant-professor-medical-officer-in-the-bpl-antyodaya-category","type":"story","status":"publish","title_hn":"फर्जीवाड़ा: बीपीएल-अंत्योदय श्रेणी में शामिल हो गए असिस्टेंट प्रोफेसर, मेडिकल अफसर समेत 125 सरकारी अफसर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फर्जीवाड़ा: बीपीएल-अंत्योदय श्रेणी में शामिल हो गए असिस्टेंट प्रोफेसर, मेडिकल अफसर समेत 125 सरकारी अफसर
Sun, 23 Aug 2020 11:19 AM IST
Krishan Singh
धर्मेंद्र पंडित, अमर उजाला, शिमला
धर्मेंद्र पंडित, अमर उजाला, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Sun, 23 Aug 2020 11:19 AM IST
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
मोटी तनख्वाह पाने वाले हिमाचल के 125 सरकारी अफसर फर्जीवाड़ा कर गरीबों की सबसे निचली श्रेणी बीपीएल और अंत्योदय में शामिल हो गए हैं। यह अधिकारी सालों से डिपुओं में मिलने वाले गरीब लोगों के सस्ते राशन को डकार रहे हैं। खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग की रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है।
विज्ञापन
विभाग में इन दिनों सरकारी करदाताओं को डिपो में मिलने वाले सस्ते राशन के कोटे से बाहर करने की प्रक्रिया चल रही है। इस दौरान 125 सरकारी अफसर ऐसे पाए गए, जो स्कूल प्रवक्ता, मेडिकल अफसर, असिस्टेंट प्रोफेसर, एक्साइज टेक्नीशियन और अधीक्षक पद पर तैनात होने के बावजूद गरीब लोगों को मिलने वाला सस्ता राशन डकार रहे हैं। बता दें कि मुख्यमंत्री खुद विधायकों-मंत्रियों, अफसरों से राशन सब्सिडी छोड़ने की अपील कर चुके हैं।
विज्ञापन
खाद्य आपूर्ति विभाग ने इसे गंभीरता से लेते हुए ग्रामीण विकास विभाग को पत्र लिखकर पूछा है कि किस आधार पर इन्हें अंत्योदय और बीपीएल की श्रेणी में लाया गया है। विभाग के भेजे पत्र से अब हड़कंप मच गया है। इससे पंचायत प्रधानों, पंचायत सचिवों, बीडीओ की कार्यप्रणाली संदेह के घेरे में आ गई है। ग्रामीण विकास विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित बीडीओ से रिकॉर्ड तलब किया है।
विज्ञापन
सरकार में बड़े ओहदे पर बैठे अफसर भी अंत्योदय और बीपीएल में शामिल हुए हैं। रिकॉर्ड में यह बात सामने आई है। ग्रामीण विकास विभाग को पत्र लिखकर रिपोर्ट मांगी है। - यादवेंद्र पाल, ज्वाइंट डायरेक्टर, खाद्य आपूर्ति विभाग
स्कूल प्रवक्ता, मेडिकल अफसर, असिस्टेंट प्रोफेसर, एक्साइज टेक्नीशियन के बीपीएल में होने और सस्ता राशन लेने का मामला ध्यान में है। खाद्य आपूर्ति विभाग की ओर से आए पत्र के बाद बीडीओ से रिकॉर्ड मांग लिया है। -अनिल शर्मा, ज्वाइंट डायरेक्टर, ग्रामीण विकास विभाग