फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   forest officer cut trees for plot at shimla.

घर के लिए प्लॉट बनाने को वन विभाग के अफसर ने ही काट डाले पेड़

Wed, 16 Mar 2016 10:57 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Wed, 16 Mar 2016 10:57 AM IST
विज्ञापन
forest officer cut trees for plot at shimla.
वन विभाग के एक बड़े अफसर ने मकान का प्लॉट बनाने के लिए हरे-भरे पेड़ काट डाले। - फोटो : अमर उजाला

वन विभाग के एक बड़े अफसर ने मकान का प्लॉट बनाने के लिए हरे-भरे पेड़ काट डाले। वन विभाग के अफसरों की मिली भगत से एक दो नहीं बल्कि पांच हरे पेड़ों पर कुल्हाड़ी चली है। कुसुम्पटी के पास गोरखू लॉज में वन विभाग के सेक्शन आफिसर ने मकान बनाने के लिए पेड़ों को काट दिया। पांच पेड़ एक रात में ठिकाने नहीं लगाए गए बल्कि पिछले पांच महीनों में एक एक कर पेड़ों को काटा गया और ठूंठ ठिकाने लगाए गए।

विज्ञापन


राजधानी शिमला में तैनात वन विभाग के अफसरों की सांठगांठ से पूरे प्रकरण को अंजाम दिया गया। शहर के एक जागरूक नागरिक की शिकायत पर नगर निगम के हरकत में आने से मामले का खुलासा हुआ। नगर निगम के मेयर संजय चौहान को शिकायत मिली की कुसुम्पटी के पास गोरखू लाज में अवैध रूप से हरे पेड़ों को काटा जा रहा है। नगर निगम ने इसकी मौखिक शिकायत वन विभाग को की।
विज्ञापन


वन विभाग ने जब कोई कार्रवाई नहीं की तो मेयर संजय चौहान ने एडिशन चीफ सेकरेटरी फारेस्ट, प्रिंसिपल चीफ कंजरवेटर फारेस्ट और शिमला सर्कल के वन अरण्यपाल को लिखित शिकायत की। नगर निगम ने वन अरण्यपाल से सात दिन में पूरे प्रकरण की रिपोर्ट तलब की। इसके बाद आननफानन में पांच माह से लापरवाही की नींद सोए वन विभाग ने कार्रवाई अमल में लाई।
विज्ञापन
विज्ञापन


एफआईआर की जरूरत नहीं
नगर निगम की ओर से शिकायत मिलने के बाद तुरंत एक्शन लिया गया है। डैमेज रिपोर्ट काटी गई है। लकड़ी बरामद हो गई है। मामला एमसी एरिया का है इसलिए चालान भी होगा। जहां तक एफआईआर की बात है तो वह जरूरी नहीं है, क्योंकि पेड़ काटने वाले ने अपना गुनाह कबूल कर दिया है। डैमेज रिपोर्ट भी उसी के नाम से काटी गई है। संबंधित व्यक्ति के खिलाफ विभागीय कार्रवाई को लेकर अभी फैसला नहीं लिया गया है।- आलोक प्रेम नागर, वन अरण्यपाल, शिमला सर्कल

एमसी एक्ट में करेंगे कार्रवाई
कुसुम्पटी में हरे पेड़ काटने की शिकायत के बाद वन अरण्यपाल को लिखित शिकायत दी गई थी। शहर की सीमा में एमसी एक्ट लगता है इसलिए एमसी एक्ट के तहत ही कार्रवाई होनी चाहिए। पेड़ काटने से पहले नगर निगम की ट्री अथारिटी को सूचना नहीं दी गई। मामले में संबंधित अधिकारी दोषी साबित हुए तो उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।- संजय चौहान, मेयर, नगर निगम शिमला

एमसी एक्ट में दो साल की सजा का है प्रावधान
एमसी एक्ट के तहत हरा पेड़ काटने पर दोष साबित होने की स्थिति में कानूनी कार्रवाई के तहत दो साल की सजा का प्रावधान है।

न्यायालय के आदेशों की अवहेलना
न्यायालय ने राजधानी शिमला में हरे पेड़ों को काटने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा रखा है। न्यायालय के आदेशों का पालन करवाना वन विभाग का मौलिक कर्तव्य है। आदेशों का पालन करना तो दूर वन विभाग के अफसर सांठगांठ कर पेड़ों के ही दुश्मन बन गए।


अफसर को बचाने में लगा वन विभाग
पेड़ काटने के दोषी अफसर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने से वन विभाग बच रहा है। वन विभाग का दावा है कि जो कार्रवाई बनती है वो कर दी गई है। हरे पेड़ों पर पांच महीने से कुल्हाड़ी चलती रही लेकिन शहर में वनों के संरक्षण के लिए तैनात अफसरों ने कोई कार्रवाई नहीं की। वन विभाग जिम्मेदार अफसरों को भी बचाने में लगा हुआ है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed