{"_id":"62814c4d886db50e4a2087ef","slug":"forest-near-solan-and-kasauil-catches-fire-people-got-suffocated-due-to-smoke-in-nearby-areas-shimla-news-sml4089454189","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिले के जंगल दहके, कई क्षेत्रों में धुएं से सांस लेने में हो रही दिक्कत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिले के जंगल दहके, कई क्षेत्रों में धुएं से सांस लेने में हो रही दिक्कत
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। जिले में जंगलों के दहकने से अमूल्य वन संपदा और निजी संपत्ति को भारी नुकसान हो रहा है। रविवार को भी जंगलों में लगी आग में करोड़ों रुपयों की निजी और वन संपदा जलकर राख हो गई। इससे क्षेत्र के लोग बुरी तरह से सहमे हुए हैं।
पर्यटन क्षेत्र कसौली मनौण, सनावर समेत बड़ोग के साथ लगती नगाली की पहाड़ियों पर आग का तांडव देखने को मिला। खबर के लिखे जाने तक कसौली और नगाली की पहाड़ियों में आग पर काबू नहीं पाया जा सका था। जंगलों के जलने से जिला मुख्यालय में चारों ओर धुआं ही धुआं इकट्ठा हो गया है। इससे लोगों को सांस लेने में परेशानी का सामना करना पड़ा।
रविवार को पर्यटन क्षेत्र कसौली के साथ लगते सनावर के जंगल में आग लगने से ईको कैंप को करीब एक करोड़ का नुकसान होने का अनुमान है। कोरोना के बाद से सरकार के आदेशों की पालना करते हुए ईको कैंप को वर्तमान में भी बंद रखा गया था। अगर सरकार की ओर से अन्य संस्थानों की तरह ईको कैंप को भी ढील दी जाती तो शायद यह आग की भेंट न चढ़ता।
विज्ञापन
ईको कैंप के मालिक दिनेश और विशाल ने बताया कि कैंप को सरकार के आदेशों के अनुसार बंद रखा गया था। इस कारण कैंप में कोई भी पर्यटक नहीं थे। दो वर्ष पहले 18 लोग काम करते थे लेकिन कोरोना काल के बाद देखरेख के लिए केवल दो ही व्यक्ति रहते थे।
रविवार को अचानक सनावर के जंगल में लगी आग ने सारी व्यवस्थाओं को फेल कर दिया है। हवा के साथ बढ़ती आग ने ईको कैंप में बनें 16 टेंट और शेड कॉटेज को जलाकर राख कर दिया। कैंप के मालिक ने सरकार गुहार लगाई है कि आग से हुए नुकसान की भरपाई के लिए उचित कदम उठाया जाए।
कोरोना से पहले भी कई बार आसपास लगी आग
ईको कैंप सनावर में कोरोनाकाल से पहले भी कई बार आग लगने के मामले आ चुके हैं लेकिन 18 लोगों की टीम होने से आग पर तुरंत काबू पाया जाता था। कोरोना के बाद बंद हुए कैंप में न तो ठीक से देखभाल होती थी न ही यहां 18 लोगों की टीम थी। इस कारण आग पर काबू पाना मुश्किल हो गया।
मशोबरा से कसौली कि तरफ आने लगी आग
पर्यटन क्षेत्र कसौली के साथ लगते मनौण गांव के जंगल की आग अब इसके विपरीत और मशोबरा के समीप पहुंच गई है। मशोबरा से आग की लपटें कसौली की ओर आने लगी है। लगातार भड़कती आग से मामला गंभीर होता जा रहा है। हालांकि वन विभाग और सेना जवान समेत स्थानीय लोग आग पर काबू पाने का हर संभव प्रयास कर रहे हैं।
विज्ञापन
सोलन। जिले में जंगलों के दहकने से अमूल्य वन संपदा और निजी संपत्ति को भारी नुकसान हो रहा है। रविवार को भी जंगलों में लगी आग में करोड़ों रुपयों की निजी और वन संपदा जलकर राख हो गई। इससे क्षेत्र के लोग बुरी तरह से सहमे हुए हैं।
पर्यटन क्षेत्र कसौली मनौण, सनावर समेत बड़ोग के साथ लगती नगाली की पहाड़ियों पर आग का तांडव देखने को मिला। खबर के लिखे जाने तक कसौली और नगाली की पहाड़ियों में आग पर काबू नहीं पाया जा सका था। जंगलों के जलने से जिला मुख्यालय में चारों ओर धुआं ही धुआं इकट्ठा हो गया है। इससे लोगों को सांस लेने में परेशानी का सामना करना पड़ा।
विज्ञापन
रविवार को पर्यटन क्षेत्र कसौली के साथ लगते सनावर के जंगल में आग लगने से ईको कैंप को करीब एक करोड़ का नुकसान होने का अनुमान है। कोरोना के बाद से सरकार के आदेशों की पालना करते हुए ईको कैंप को वर्तमान में भी बंद रखा गया था। अगर सरकार की ओर से अन्य संस्थानों की तरह ईको कैंप को भी ढील दी जाती तो शायद यह आग की भेंट न चढ़ता।
विज्ञापन
ईको कैंप के मालिक दिनेश और विशाल ने बताया कि कैंप को सरकार के आदेशों के अनुसार बंद रखा गया था। इस कारण कैंप में कोई भी पर्यटक नहीं थे। दो वर्ष पहले 18 लोग काम करते थे लेकिन कोरोना काल के बाद देखरेख के लिए केवल दो ही व्यक्ति रहते थे।
रविवार को अचानक सनावर के जंगल में लगी आग ने सारी व्यवस्थाओं को फेल कर दिया है। हवा के साथ बढ़ती आग ने ईको कैंप में बनें 16 टेंट और शेड कॉटेज को जलाकर राख कर दिया। कैंप के मालिक ने सरकार गुहार लगाई है कि आग से हुए नुकसान की भरपाई के लिए उचित कदम उठाया जाए।
कोरोना से पहले भी कई बार आसपास लगी आग
ईको कैंप सनावर में कोरोनाकाल से पहले भी कई बार आग लगने के मामले आ चुके हैं लेकिन 18 लोगों की टीम होने से आग पर तुरंत काबू पाया जाता था। कोरोना के बाद बंद हुए कैंप में न तो ठीक से देखभाल होती थी न ही यहां 18 लोगों की टीम थी। इस कारण आग पर काबू पाना मुश्किल हो गया।
मशोबरा से कसौली कि तरफ आने लगी आग
पर्यटन क्षेत्र कसौली के साथ लगते मनौण गांव के जंगल की आग अब इसके विपरीत और मशोबरा के समीप पहुंच गई है। मशोबरा से आग की लपटें कसौली की ओर आने लगी है। लगातार भड़कती आग से मामला गंभीर होता जा रहा है। हालांकि वन विभाग और सेना जवान समेत स्थानीय लोग आग पर काबू पाने का हर संभव प्रयास कर रहे हैं।