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जंगल की आग से ऐसे निपटेगा वन विभाग, गोविंद ठाकुर ने किया खुलासा

Sat, 26 May 2018 09:04 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Updated Sat, 26 May 2018 09:04 AM IST
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forest minister govind thakur statement over forest fire in himachal

जंगलों में बढ़ रही आग की घटनाओं पर सरकार ने सफाई पेश की है। वन मंत्री गोविंद ठाकुर ने कहा कि तापमान में अचानक वृद्धि होने और वातावरण में नमी की कमी के कारण आग की घटनाएं बढ़ रही हैं। 

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बिलासपुर, धर्मशाला, मंडी और शिमला वृत्त में आग की अधिक घटनाएं दर्ज हुई हैं। कहा कि सरकार और विभाग ने लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाया था। 

इसके फलस्वरूप इस वर्ष लगभग साढ़े नौ हजार व्यक्ति भारतीय वन सर्वेक्षण संस्थान देहरादून की वेबसाइट से जुड़ चुके हैं। इन्हें उनके क्षेत्र में वन अग्नि की घटनाओं की सूचना मिल रही है।

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वन अग्नि संबंधी सूचना देने के लिए टोल फ्री नंबर

forest minister govind thakur statement over forest fire in himachal

 विभाग ने वन अग्नि संबंधी सूचना देने के लिए एक टोल फ्री नंबर शुरू किया है। सूचना मिलने के कारण वन अग्नि नियंत्रण दस्ता तुरंत वन अग्नि घटनास्थल तक पहुंच रहा है।

स्थानीय लोगों के सहयोग सेवन अग्नि को जल्दी काबू किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वन कर्मियाें को सूचना के आदान-प्रदान को अप्रैल से जून माह तक के मोबाइल फोन भत्ता दिया जा रहा है

तथा कर्मचारियों को आग बुझाने वाले क्षेत्र में शीघ्र पहुंचने के लिए टैक्सी का खर्चा अथवा निजी वाहन प्रयोग करने पर भत्ता भी दिया जा रहा है। इसके अलावा प्रदेश भर में लगभग 400 फायर वाचर भी इस कार्य के लिए लगाए गए हैं।

एक माह में धधकते जंगलों से 60 लाख की वन संपदा राख

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मई में पड़ रही प्रचंड गर्मी के बीच सूबे के जंगल भी खूब धधक रहे हैं। जंगलों में आग लगने का आलम यह है कि पहली अप्रैल से 22 मई तक ही जंगलों में 641 आग की घटनाएं दर्ज हो चुकी हैं, जो कि पिछले साल के पूरे फायर सीजन केे लगभग बराबर हैं।

इस माह करीब दो हजार 6 सौ हेक्टेयर से ज्यादा वन भूमि पर लगी इस आग से प्रदेश की करीब 59 लाख 20 हजार से ज्यादा की वन संपदा राख हो चुकी है। अभी जून माह में और आग की घटनाएं सामने आएंगी।

पिछले साल पूरे फायर सीजन में जंगलों में आग की 670 घटनाएं दर्ज हुईं थीं और इससे 55 लाख 11 हजार रुपये की वन संपदा का नुकसान हुआ था। पीसीसीएफ डॉ. जीएस गोराया ने बताया कि पिछले साल की तुलना में इस साल मौसम ज्यादा गर्म है। इस वजह से आग की घटनाएं ज्यादा हो रही हैं। 

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