होशियार मौत मामले में सीबीआई के हाथ अभी तक खाली, अब यहां भेजा मामला
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बहुचर्चित वनरक्षक होशियार सिंह की मौत मामले में सीबीआई को अभी तक हत्या का कोई सुबूत नहीं मिल पाया है। इस मामले में अब तक की जांच को लीगल स्क्रूटिनी के लिए भेज दिया है। स्क्रूटिनी के बाद ही मामले की छानबीन का अगला रुख तय होगा। वन रक्षक होशियार की मौत की गुत्थी सुलझा रही सीबीआई ने पांच महीने पहले तीन लोगों को गिरफ्तार किया तो लगा कि सीबीआई हत्यारों के करीब पहुंच चुकी है।
उस वक्त गिरफ्तार तीनों लोगों पर होशियार सिंह के कार्यक्षेत्र में आने वाली सेरी कतांडा बीट में अवैध कटान का आरोप लगा है। इन्हें पुलिस रिमांड पर भी लिया गया, मगर बाद में इन्हें छोड़ दिया गया। इसके बाद भी सीबीआई ने मामले की जड़ तक जाने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा दिया, लेकिन हत्या साबित करने और हत्यारों को चिह्नित करने के लिए पर्याप्त सुबूत ही नहीं जुटाए जा सके।
पिछले साल करसोग की सेरी कतांडा बीट में फॉरेस्ट गार्ड होशियार सिंह की लाश पेड़ से उल्टी लटकी मिली थी। पुलिस ने पहले हत्या का मामला दर्ज किया, मगर बाद में उसे आत्महत्या की धाराओं में बदल दिया था। मामले के प्रमुखता से उजागर होने के बाद तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने इसकी जांच सीआईडी को सौंप दी थी, लेकिन लोग सीआईडी की जांच से भी असंतुष्ट रहे।
बाद में हाईकोर्ट ने जांच सीबीआई को सौंपने के आदेश किए। मामला सीबीआई की शिमला शाखा में दर्ज किया गया। लंबी जांच के बावजूद हत्यारा मानकर सीबीआई न तो किसी को गिरफ्तार कर पाई है और न ही अज्ञात हत्यारों के खिलाफ कोई सुबूत ही मिल पाए। सीबीआई ने अभी तक इसे पुलिस की तरह आत्महत्या भी करार नहीं दिया है।