हिमाचल में घूसखोरी के दो मामले: 10 हजार की रिश्वत लेते रेंज ऑफिसर गिरफ्तार, पटवारी ने गूगल पे पर मांगे 1500
भ्रष्टाचार के खिलाफ राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने मंगलवार को सिरमौर के पांवटा साहिब में वन विभाग के रेंज ऑफिसर को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ा है। वहीं, सोलन में जमीन की तकसीम करवाने के बदले 1,500 रुपये की रिश्वत मांगने के आरोप में पटवारी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
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हिमाचल प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने मंगलवार को सिरमौर के पांवटा साहिब में वन विभाग के रेंज ऑफिसर को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ा है। वहीं, सोलन में जमीन की तकसीम करवाने के बदले 1,500 रुपये की रिश्वत मांगने के आरोप में पटवारी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। दोनों मामलों में विजिलेंस ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है।
नदी से रेत ले जाने के मामले में दो ट्रैक्टर जब्त करने की धमकी दी थी।
पांवटा साहिब के बागनी में तैनात वन विभाग के रेंज ऑफिसर सुमंत के खिलाफ नाहन स्थित विजिलेंस थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की संशोधित धारा 7 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। शिकायतकर्ता इकराम निवासी गांव बागनी ने विजिलेंस को दी शिकायत में आरोप लगाया कि अधिकारी ने उसके साले को यमुना नदी से रेत ले जाने के मामले में दो ट्रैक्टर जब्त करने की धमकी दी थी। ट्रैक्टर जब्त नहीं करने की एवज में 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगी। इंस्पेक्टर मनोज कुमार की अगुवाई में विजिलेंस टीम ने पांवटा साहिब में जाल बिछाया। इस दौरान अधिकारी को कथित तौर पर 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ लिया गया। मामले में सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
तकसीम करवाने के बदले पटवारी ने मांगी रिश्वत
दूसरे मामले में सोलन के सेटलमेंट विभाग में तैनात पटवारी अंकुर के खिलाफ रिश्वत मांगने की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई है। शिकायतकर्ता विकास कंवर ने आरोप लगाया कि जमीन की तकसीम करवाने के बदले पटवारी ने 1,500 रुपये की मांग की थी। यह रकम गूगल पे के माध्यम से लेने के लिए पटवारी ने अपना मोबाइल नंबर भी दिया था। शिकायतकर्ता ने आरोपों के समर्थन में एक ऑडियो रिकॉर्डिंग भी विजिलेंस को सौंपी। इस आधार पर विजिलेंस थाना सोलन में एफआईआर नंबर 04/2026 दर्ज की गई है। इसमें भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 लगाई गई है। डीजीपी अशोक तिवारी ने कहा कि हिमाचल पुलिस और विजिलेंस ब्यूरो भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रहे हैं। कोई भी सरकारी कर्मचारी कानून से ऊपर नहीं है। रिश्वत मांगने या लेने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी। उन्होंने लोगों से बिना डर भ्रष्टाचार की शिकायत करने की अपील की।