सीएम के घर में पकड़ा गया ये खूंखार
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शिमला शहर की जनता जिस उत्पाती लंगूर के आतंक से पिछले चार दिन से परेशान थी, उसे सीएम के निवास से पकड़ लिया गया। इसके उत्पात के चलते महिलाओं और बच्चों का घर से निकलना दूभर हो गया था।
वहीं, वन महकमा भी लाचार साबित हो रहा था। मगर शनिवार को जब वही लंगूर मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के आवास पर कूदा तो वन महकमे ने उसे पकड़ने के लिए जाल बिछाया और मिनटों में उत्पाती उनके कब्जे में था।
वन विभाग के अनुसार शनिवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे लंगूर ने मुख्यमंत्री के सरकारी आवास पर धावा बोला।
पुलिसकर्मियों ने छिपकर बचाई अपनी जान
लंगूर का उत्पात देख वहां तैनात सुरक्षा कर्मी सकते में आ गए। उन्होंने लंगूर को भगाने की पूरी कोशिश की लेकिन उन्हें अपनी जान बचाने की नौबत आ गई।
लंगूर काटने दौड़ा तो सुरक्षा कर्मियों ने जान बचाने के लिए खुद को गुमटी के भीतर बंद कर लिया। तुरंत लंगूर की सूचना वन महकमे को दी गई।
मुख्यमंत्री के आवास पर लंगूर के उत्पात की सूचना से अधिकारियों के पांव तले जमीन खिसक गई। आनन फानन में लंगूर पकड़ने के लिए टीम सीएम आवास भेज दी गई। परंतु जब तक टीम पहुंचती, तब तक लंगूर नौ दो ग्यारह हो चुका था।
इस तरह जाल में फंस गया लंगूर
वन विभाग की टीम ने लंगूर को पकड़ने के लिए कमला नेहरू अस्पताल मार्ग पर जाल लगा दिया। कुछ ही देर में लंगूर वन विभाग के जाल में फंस गया।
टीम ने उसे बेहोश कर पिंजरे में डाला और टूटीकंडी की ओर रवाना हो गई। लंगूर को पकड़ने के लिए बनी टीम में वाइल्ड लाइफ विंग के डॉक्टर संदीप रतन, रेंज ऑफिसर सुशील कुमार, फोरेस्ट गार्ड विनय, विमला, जगत सिंह आदि शामिल थे।
इससे पहले भी लंगूर टिंबर हाउस, हिमलैंड, कमला नेहरू अस्पताल के नजदीक वाले इलाकों में उत्पात मचा चुका था, लोगों ने उसे पकड़ने के लिए वन विभाग से निवेदन किया था। लेकिन तब वन महकमे को यह लंगूर कहीं नजर नहीं आया।
डीएफओ अनीश कुमार ने बताया कि उत्पाती लंगूर को पकड़ लिया गया है और इसे टूटीकंडी चिड़ियाघर ले जाया गया है।