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गुड़िया केस से लिया सबक, फोरेंसिक साइंस निदेशालय ने लिया ये फैसला

Fri, 08 Dec 2017 05:40 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Fri, 08 Dec 2017 05:40 PM IST
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forensic science directorate will conduct brain mapping narco test

गुड़िया केस से सबक लेते हुए हिमाचल प्रदेश का फोरेंसिक साइंस निदेशालय खुद को हाईटेक बनाने में जुट गया है। फोरेंसिक साइंस निदेशालय ने राज्य पुलिस मुख्यालय में एक पोलीग्राफ मशीन अपने पास हस्तांतरित करवा दी है। 

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कइस निदेशालय के तहत फोरेंसिक साइकोलॉजी निदेशालय खोलने की पहले ही मंजूरी दी जा चुकी है। इस डिवीजन के तहत तीन और पदों को भी स्वीकृत किया जा रहा है। इन पदों पर आरएंडपी नियमों को बनाने के बाद ही भर्ती होगी और उसके बाद ये तमाम टेस्ट शुरू करवा दिए जाएंगे। 
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ये टेस्ट हिमाचल पुलिस के पास दर्ज मामलों के लिए करवाए जाएंगे। वर्तमान में नई दिल्ली या अहमदाबाद जाकर इन्हें करवाना पड़ता है। गुड़िया दुराचार और हत्या मामले में सीबीआई ने आरोपियों के नार्को, ब्रेन मैपिंग जैसे टेस्ट करवाए।

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ऐसे होते है ये टेस्ट

forensic science directorate will conduct brain mapping narco test

इन परीक्षणों के दौरान पोलीग्राफ मशीन का इस्तेमाल किया जाता है। नार्को टेस्ट के दौरान तो एक दवा का भी इस्तेमाल होता है। माना जाता है कि इस टेस्ट के दौरान कोई भी आरोपी सच बोलता जाता है। इससे जांच आसान हो जाती है। 

राज्य फोरेंसिक साइंस निदेशालय के निदेशक अरुण शर्मा ने बताया कि राज्य पुलिस मुख्यालय में एक पोलीग्राफ मशीन पहले से ही खरीदी पड़ी थी। ये फोरेंसिक साइंस निदेशालय के लिए ट्रांसफर कर दी गई है। 

फोरेंसिक साइकोलॉजी डिविजन पहले ही खोला जा चुका है। इनमें एक सहायक निदेशक, एक साइंटिफिक असिस्टेंट और एक प्रयोगशाला सहायक की नियुक्ति की जानी है। भर्ती एवं पदोन्नति नियमों के बनने के बाद ये काम शुरू हो जाएगा। 

हर जिले में खोलेंगे मोबाइल फोरेंसिक यूनिट 

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जब भी कोई हत्या जैसा संगीन अपराध हो तो मौके पर तत्काल रवाना करने के लिए एक मोबाइल फ ोरेंसिक यूनिट खोलने की प्रक्रिया भी चल रही है। ये बिलासपुर में खुल चुकी है। अन्य 11 जिलों में भी खोली जाएगी। 

अगले फोरेंसिक साइंस बोर्ड की बैठक में इस प्रस्ताव पर चर्चा होगी। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के निर्देशानुसार ऐसा किया जाना जरूरी है। कई राज्यों में यह व्यवस्था पहले से ही लागू हो चुकी है।

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