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विदेशी नहीं ले पाएंगे भारत में किराये की कोख

Tue, 22 Dec 2015 09:59 AM IST
Updated Tue, 22 Dec 2015 09:59 AM IST
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foreigners cannot hire surrogate mother in India

विदेशी और विदेशों में रह रहे भारतीय लोग भारत में किराये की कोख नहीं ले सकेंगे। केंद्र ने इस पर रोक लगा दी है। किराये की कोख लेने यानी सरोगेसी के लिए अब उन्हें मेडिकल वीजा नहीं मिलेगा। न ही वे यहां सरोगेसी से बच्चा पैदा कर पाएंगे। भारत सरकार ने प्रदेश सरकार को भी नए निर्देश की जानकारी दी है। इसकी अनुमति के पूर्व के सभी पत्रों को केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय के विदेश अनुभाग ने विदड्रा कर लिया है।

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हालांकि, इस व्यवस्था को बंद करने का कारण स्पष्ट नहीं किया गया है। यह जानकारी मंत्रालय के अवर सचिव बीवीआर मूर्ति ने प्रदेश समेत तमाम राज्यों की सरकारों को पत्र (सर्कुलर नंबर- 462) भेजकर दी है। पत्र के मुताबिक भारतीय मिशनों और पोस्टों की तरफ से भारत में सरोगेसी के लिए आने वाले विदेशियों को कोई वीजा नहीं दिया जाएगा।

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सभी राज्य सरकारों से भी मांगा गया है सहयोग

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फॉरनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर्स (एफआरआरओ) की ओर से विदेशों में रह रहे भारतीयों को सरोगेसी के लिए कोई मंजूरी नहीं दी जाएगी। न ही एफआरआरओ ऐसे बच्चों को ही भारत में जन्म देने की इजाजत दे सकेंगे। हालांकि, इस सर्कुलर को जारी होने से पहले बच्चों को जन्म देने पर निर्णय संबंधित एफआरआरओ ही लेंगे। इस बारे में दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, अमृतसर, बंगलूरू, हैदराबाद, कोची, तिरुवनंतपुरम, कालीकट, गोवा, लखनऊ और अहमदाबाद में नियुक्त सभी एफआरआरओ को निर्देश जारी किए गए हैं।

इस आदेश को तत्काल प्रभाव से लागू मानते हुए इसके लिए हिमाचल सहित सभी राज्य सरकारों से भी सहयोग मांगा गया है। यूपीए-दो सरकार के कार्यकाल में नौ अक्तूबर 2012 को विदेशियों और विदेशी मूल के भारतीयों को मेडिकल वीजा के आधार पर तय शर्तों के तहत भारत में सरोगेट मदर की मदद से बच्चे पैदा करने की मंजूरी दी गई थी।

क्या है सरोगेसी

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सरोगेसी प्रक्रिया में किसी भी पति के शुक्राणु और उसकी पत्नी के अंडाणु को मिलाकर किसी अन्य औरत की कोख में स्थापित किया जाता है। यानी किसी दूसरी औरत की कोख को किराये पर लिया जाता है। खासतौर पर निसंतान दंपतियों के लिए इस तकनीक से बच्चे पैदा करना वरदान साबित हुआ है।

यह तकनीक ठीक वैसे है जैसे पौराणिक कथाओं में वासुदेव और देवकी की सातवीं संतान बलराम को रोहिणी के गर्भ में प्रत्यारोपित करने का उल्लेख आता है। सरोगेसी के कुछ मामले हिमाचल में भी घटित हुए हैं।

भारत सरकार से यह सूचना मिली है कि सरोगेसी के लिए विदेशियों और विदेशों में रह रहे भारत के गैर नागरिक भारतीयों को अब सरोगेसी की मंजूरी नहीं दी जाएगी। वैसे यह रोक भारत सरकार को ही लागू करनी है, मगर इसके लिए हिमाचल से भी वांछित सहयोग दिया जाएगा। -पीसी धीमान, अतिरिक्त मुख्य सचिव, गृह, हिमाचल सरकार

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