बंजर भूमि पर करें फूलों की खेती, एक हेक्टेयर में कमा सकेंगे इतने पैसे
बंजर जमीन पर लोग अब फूलों की खेती कर सकेंगे। इसे जंगली जानवरों या लावारिस पशुओं से भी कोई खतरा नहीं होगा। जंगली जानवरों और लावारिस पशुओं की वजह से खेती छोड़ चुके किसान अब फूलों की खेती से अपनी आर्थिकी सुधार सकते हैं।
एक हेक्टेयर भूमि में फूलों की खेती कर किसान डेढ़ लाख रुपये तक कमा सकते हैं। इसके लिए सीएसआईआर (काउंसिल ऑफ साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च) संस्थान पालमपुर किसानों की मदद करेगा। किसानों को आरोमा मिश्र योजना के तहत संस्थान छह किस्म के फूलों के बीज देगा।
बीज किसानों की जमीन की भौगोलिक परिस्थितियों को देखकर दिए जाएंगे। इसके बाद फूलों का तेल निकाला जाएगा। इसकी बाजार में काफी मांग है। फूलों की सुगंध से जंगली जानवर और लावारिस पशु भी खेती को नुकसान नहीं पहुंचा पाएंगे।
दौ सौ कनाल तक लग सकता है संयंत्र
योजना के तहत किसान छह किस्म के फूलों की खेती कर सकेंगे। सीएसआईआर संस्थान किसानों को फूलों के ऐसे बीज देगा, जिनसे निकलने वाले तेल की मांग बाजार में काफी मांग है।
उधर, सीएसआईआर के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं परियोजना अधिकारी डॉ. आरके सूद ने बताया कि लोगों को जागरूक करने के लिए सीएसआईआर संस्थान पालमपुर जागरूकता शिविर लगा रहा है।
संस्थान के वैज्ञानिक एवं परियोजना अधिकारी डॉ. आरके सूद ने बताया कि किसान इकट्ठा होकर सौ से दो सौ कनाल भूमि में फूलों की खेती करेंगे, वहां इनकी सुविधा के लिए तेल निकालने को सीएसआईआर संस्थान घर-द्वार पर ही संयंत्र की सुविधा भी मुहैया करवाएगा।
तेल की मार्केटिंग भी संस्थान ही करवाएगा, ताकि किसानों को कोई दिक्कत न हो। संस्थान इस खेती के फूलों से तेल निकालने वाले दस संयंत्र पालमपुर में लगाने जा रहा है।