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हिमाचल के पांच जिले बागवानी विकास प्रोजेक्ट से वंचित, ये है बड़ी वजह
Thu, 29 Aug 2019 10:11 AM IST
Krishan Singh
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Thu, 29 Aug 2019 10:11 AM IST
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सत्ता पक्ष के विधायक राकेश पठानिया ने कहा कि हिमाचल के पांच जिलों कांगड़ा, हमीरपुर, ऊना, बिलासपुर और मंडी को बागवानी विकास प्रोजेक्ट से वंचित रखा गया है।
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इन जिलों में आम, लीची, अमरूद, संतरा, किवी, अनार पैदा करने वाले बागवानों को भी विश्व बैंक के 1134 करोड़ के प्रोजेक्ट का लाभ पहुंचाया जाए ताकि इन जिलों के बागवानों की आर्थिक आय भी दोगुनी हो सके। सीए स्टोरों का निर्माण भी जरूरी है। बागवानी मंत्री शुक्रवार को चर्चा का जवाब देंगे।
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पठानिया ने बुधवार को नियम 130 के तहत विश्व बैंक की मदद से चल रहे बागवानी विकास प्रोजेक्ट का मामला सदन में उठाते हुए कहा कि प्रदेश के निचले क्षेत्रों के जिलों की 4500 हेक्टेयर भूमि बाहर करना गलत है।
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निचले क्षेत्र के बागवानों के लिए सेब के अलावा अन्य फलों के उत्तम किस्म के पौधे उपलब्ध कराए जाएं। इन फलों के लिए पौधे विदेशों से मंगाने की जरूरत भी नहीं है। क्योंकि आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल और गुजरात से मंगाए जा सकते हैं। ये पौधे नौणी विश्वविद्यालय और बागवानी विभाग के नर्सरियों में भी तैयार कर सकते हैं।