फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Five deaths so far due to monkey attacks; people left bloodied daily.

Shimla News: बंदरों के हमले से अब तक पांच मौतें, रोज लहूलुहान हो रहे लोग

Sat, 05 Sep 2026 11:59 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sat, 05 Sep 2026 11:59 PM IST
विज्ञापन
Five deaths so far due to monkey attacks; people left bloodied daily.
बच्चे समेत चार महिलाएं गंवा चुकी हैं जान
विज्ञापन

2,000 से ज्यादा उत्पाती बंदर हैं शिमला शहर में

अब वन्यजीव की श्रेणी से बाहर कर दिए हैं बंदर
न वन विभाग न ही नगर निगम पकड़ रहा बंदर
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी के उत्पाती बंदर अब जानलेवा हो गए हैं। बंदरों के हमले के कारण बुजुर्ग महिला सत्या देवी से पहले भी शहर में एक बच्चे समेत तीन महिलाएं अपनी जान गंवा चुकी हैं। पांच मौतों के बावजूद वन विभाग, नगर निगम और जिला प्रशासन मौन बैठे हैं।

हालात यह हैं कि अब शहर में बंदरों की नसबंदी तक नहीं हो रही है। केंद्र सरकार ने बंदरों को वन्यजीव की श्रेणी से बाहर कर दिया है। इसके बाद से न तो वन विभाग इन्हें पकड़ रहा है और न ही नगर निगम कोई कार्रवाई कर रहा है। शहरवासी रोजाना बंदरों के हमले से लहूलुहान हो रहे हैं। शहर में हर महीने बंदरों के काटने के 30 से 40 मामले सामने आ रहे हैं। आंकड़ों पर नजर डालें तो वन विभाग के अनुसार वर्ष 2019 में शिमला शहर में करीब 2,000 बंदर थे। अब सात साल में इनकी संख्या बढ़ गई है। शहर के जाखू, बैनमौर, छोटा शिमला, अपर ढली, लक्कड़ बाजार, बालूगंज, कसुम्पटी, संजौली समेत साथ लगते इलाकों में बंदरों का आतंक सबसे ज्यादा है।
विज्ञापन



वर्ष 2014 : मिडिल बाजार में महिला की मौत
चार नवंबर 2014 को मिडिल बाजार में एक महिला की बंदर के हमले के कारण मौत हो गई थी। महिला ममता (38) अपने घर की छत से कपड़े उठा रही थीं कि अचानक बंदर ने उन पर हमला कर दिया। बंदर को देखकर ममता डर गईं। इससे उनका संतुलन बिगड़ गया और वह छत से नीचे गिर पड़ीं। मौके पर ही उनकी मौत हो गई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन



जुलाई 2020 : कुफ्टाधार में महिला की मौत
कुफ्टाधार में 9 जुलाई 2020 को बंदरों के हमले के कारण छत पर काम कर रही 56 वर्षीय राजबाला नीचे गिर गईं थीं। हरियाणा के यमुनानगर की रहने वाली राजबाला की इस हादसे में मौत हो गई थी। वर्ष 2020 में ही संजौली में भी एक बच्चा बंदरों से डरकर घर के लेंट्र से नीचे गिर गया था। बाद में पीजीआई में उसकी मौत हो गई थी।


वर्ष 2023 : ढांडा में युवती ने गंवाई जान
शहर के ढांडा क्षेत्र में बंदरों के हमले के कारण 19 वर्षीय हिमांशी ने भी अपनी जान गंवाई। हिमांशी अपने घर की तीसरी मंजिल पर कपड़े सुखाने गई थीं। इस दौरान बंदरों ने उन पर हमला कर दिया। डरकर हिमांशी अचानक तीसरी मंजिल से नीचे गिर गईं। लहूलुहान हालत में हिमांशी को आईजीएमसी ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।


लोअर बाजार में 71 वर्षीय महिला की मौत
सितंबर 2025 में बंदर के हमले में घायल हुई 71 वर्षीय बुजुर्ग महिला मधु की आईजीएमसी में हृदयघात से मौत हो गई थी। बुजुर्ग महिला घर की सीढ़ियों पर चल रही थीं कि अचानक बंदर ने उन्हें धक्का मार दिया। घायल महिला ने कुछ दिन बाद दम तोड़ दिया। डॉक्टरों ने कहा कि बंदरों के हमले के कारण सीधे तौर पर उनकी मृत्यु नहीं हुई बल्कि चोट के बाद स्वास्थ्य में उत्पन्न जटिलताओं के चलते कार्डियक अरेस्ट हुआ।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed