मकान में लगी आग में जिंदा जला बुजुर्ग, पोते को बचाया गया
मकान में अचानक आग भड़कने से इसमें सो रहा बुजुर्ग जिंदा जल गया। वहीं आसपास के लोगों ने आग देखकर घर से बच्चे को सही सलामत बाहर निकाल लिया। यह दर्दनाक हादसा हिमाचल के जिला सोलन के अर्की में हुआ। यहां समलेच गांव में एक मकान में आग लगने से 52 वर्षीय व्यक्ति की जिंदा जलकर मौत हो गई। हादसे के वक्त वह अपने चार वर्ष के पोते के साथ सो रहा था।
बिस्तर के साथ रखी अंगीठी ने आग पकड़ी और देखते ही देखते पूरा कमरा आग की लपटों में घिर गया। पड़ोस व परिजनों ने बड़ी मशक्कत से बच्चे को तो बचा लिया, लेकिन बुजुर्ग को नहीं निकाल सके। आग से घर का पूरा सामान जलकर राख हो गया है। जबकि, पशुधन भी जल गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक मंगलवार देर रात इस मकान में आग लग गई।
ऐसे बचाई गई मासूम की जान
52 वर्षीय राम लाल कमरे में अपने चार साल के पोते के साथ सो रहा था। उसने अपने बिस्तर के साथ अंगीठी जलाई हुई थी। अंगीठी से बिस्तर ने पहले आग पकड़ी। आग के तपिश और धुएं से वह जाग गया और शोर मचाने लगा। आस पड़ोस के लोग और परिजन कमरे की तरफ भागे। कमरे से आग की लपटें निकलने लगीं। ग्रामीणों ने बड़ी मशक्कत के बाद चार साल के पोते को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
लेकिन, राम लाल को नहीं निकाल सके। वह बुरी तरह से झुलस गया। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। आग साथ लगती गौशाला में भी फैल गई और तीन मवेशी भी मारे गए। अर्की पुलिस ने आग लगने से हुई मौत का मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है। इसकी पुष्टि डीएसी दाड़लाघाट नरवीर सिंह राठौर ने की है।
कमरे की खिड़की में चढ़ा तो बचा मासूम
डीएसपी से मिली जानकारी के मुताबिक आग कमरे में भड़क गई थी। धुआं भी काफी था। लेकिन, चार साल का मासूम बिस्तर के ऊपर वाली खिड़की पर चढ़ गया। इससे उसकी जान बच सकी। मौके पर पहुंचे परिजनों ने सबसे पहले उसी खिड़की को तोड़ा और बच्चे को बाहर निकाला।