रिपोर्ट दर्ज करवाने के लिए नहीं काटने पड़ेंगे थानों के चक्कर, पुलिस चौकियों में भी मिलेगी सुविधा
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अपने साथ हुए अपराध की प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज करवाने के लिए अब आम लोगों को थानों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। हिमाचल पुलिस प्रदेश की 100 पुलिस चौकियों में एफआईआर दर्ज करने की सुविधा मुहैया कराने जा रही है।
इससे दूरदराज इलाकों में रहने वाले लोगों को कई किलोमीटर दूर स्थित थाने की बजाय पास की ही पुलिस चौकी पर यह सुविधा मिलेगी। केंद्र सरकार से प्रदेश पुलिस को आधुनिकीकरण के लिए 50 करोड़ रुपये मिले हैं, जिससे हिमाचल पुलिस इस कवायद को अमलीजामा पहनाने जा रही है।
डीजीपी सीताराम मरडी ने यह जानकारी गुरुवार को पुलिस मुख्यालय में दक्षिण रेंज के अंतर्गत आने वाले शिमला, सिरमौर, सोलन, बद्दी और किन्नौर पुलिस जिलों के सभी थाना प्रभारियों, एसडीपीओ, एडिशनल एसपी और एसपी के साथ बैठक के बाद पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में दी।
प्रदेश में 13078 अभियोग पंजीकृत हुए
डीजीपी ने बताया कि प्रयास यह भी किए जा रहे हैं कि पुलिस के कांस्टेबलों को चालान करने के बाद मौके पर ही चालान का जुर्माना वसूलने की भी इजाजत दी जाए। इससे पहले डीजीपी ने बताया कि सभी पुलिस अधिकारियों को कहा गया है कि वह पुलिस में अपना बयान दर्ज कराने वालों के बयान की वीडियोग्राफी भी की जाएगी और उसे साक्ष्य के तौर पर कोर्ट में पेश किया जाएगा।
इससे पुलिस को बयान देने के बाद कोर्ट में पलटने की गुंजाइश भी नहीं होगी। डीजीपी ने कहा कि अपराध होने से रोकने के साथ साथ उनके खुलासे और अपराधियों की गिरफ्तारी पर भी खास ध्यान दिया जा रहा है। डीजीपी ने बताया कि 31 अगस्त तक प्रदेश में 13078 अभियोग पंजीकृत हुए जबकि 2018 में इस अवधिक में 13381 अभियोग पंजीकृत हुए थे।