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शिक्षा विभाग ने छात्रवृत्ति घोटाले में दर्ज करवाई एफआईआर, अब सीबीआई को जाएगा मामला

Sun, 18 Nov 2018 11:23 AM IST
चैतन्य ठाकुर, अमर उजाला, शिमला
चैतन्य ठाकुर, अमर उजाला, शिमला Updated Sun, 18 Nov 2018 11:23 AM IST
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FIR by education department 250 crore scholarship scam in himachal pradesh

हिमाचल के निजी शिक्षण संस्थानों में फर्जी दाखिले दिखा कर 250 करोड़ से अधिक राशि के कथित छात्रवृत्ति घोटाले में शिमला पुलिस ने थाना छोटा शिमला में एफआईआर दर्ज कर दी है। इस मामले में शिक्षा विभाग की ओर से नियुक्त जांच अफसर की ओर से यह मुकदमा दर्ज करवाया गया।

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पुलिस थाने में मुकदमा दर्ज होने के बाद अब प्रदेश सरकार अगले सप्ताह तक मामला सीबीआई के सपुर्द करने जा रही है। सीबीआई को सीधे तौर पर मामला सौंपने की जगह अब जांच से जुड़ा सारा रिकार्ड शिमला पुलिस के माध्यम से ही सीबीआई को सौंपा जाएगा।
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शिक्षा विभाग कथित घोटाले से जुड़ा पूरा रिकार्ड जल्द पुलिस महकमे को देने जा रहा है। इस रिकार्ड को आधार बनाकर ही शुरूआती जांच होगी। एसपी शिमला ओमापति जमवाल ने कहा कि इस मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर तफ्तीश शुरू कर दी है। बता दें कि मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सीबीआई से जांच करने की सिफारिश की है।
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शिक्षा विभाग की शुरूआती जांच रिपोर्ट के मुताबिक बीते चार साल में 2.38 लाख छात्रों  में से 19, 915 को चार मोबाइल फोन नंबर से जुड़े बैंक खातों में छात्रवृत्ति राशि जारी कर दी गई। 360 छात्रों की छात्रवृत्ति चार ही बैंक खातों में ट्रांसफर की गई।

5729 छात्रों को छात्रवृत्ति देने में तो आधार नंबर का प्रयोग ही नहीं किया गया है। छात्रवृत्ति आवंटन में निजी शिक्षण संस्थानों ने सभी नियमों को ताक पर रखा। साल 2013-14 से लेकर साल 2016-17 तक शिक्षा विभाग ने भी किसी भी स्तर पर छात्रवृत्ति योजनाओं की निगरानी नहीं की।

ऐसे हुआ खुलासा

FIR by education department 250 crore scholarship scam in himachal pradesh

प्रदेश के जनजातीय क्षेत्र लाहौल स्पीति में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति राशि नहीं मिलने की शिकायतें मिलने के बाद शिक्षा विभाग ने मामले की जांच की। इस जांच में प्रदेश के कई इलाकों में फर्जी दाखिले से छात्रवृत्ति राशि के नाम पर कथित घोटाले होने की बात सामने आई। कथित घोटाले की राशि 250 करोड़ बताई जा रही है।

25 से ज्यादा शिक्षण संस्थान संदेह के घेरे में- केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाओं में कथित घोटाला होने के मामले की प्रारंभिक जांच में प्रदेश के 25 से अधिक निजी शिक्षण संस्थान शक के घेरे में आ गए हैं। इसके अलावा छात्रवृत्ति पोर्टल बनवाने वाले अफसर भी संदेह के घेरे में है।

उच्च शिक्षा निदेशालय में गठित जांच कमेटी दावा कर चुकी है कि छात्रवृत्ति के लिए आवेदन करने वाले एचपीई पास पोर्टल में कई तरह की खामियां मिली हैं। इन खामियों का लाभ उठाते हुए ही निजी शिक्षण संस्थानों ने फर्जी दाखिले दिखाकर छात्रों के नाम पर बैंक खाते खोलकर सरकारी धनराशि का गबन किया।

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