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Mandi: एंबुलेंस रोड पर लगाई बाड़, कुर्सी पर घर पहुंचाई प्रसूता, पुलिस के पास पहुंची शिकायत

Mon, 21 Nov 2022 10:00 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी Published by: Krishan Singh Updated Mon, 21 Nov 2022 10:00 PM IST
सार

मंडी जिले में सनयाहरड वार्ड में हाउसिंग बोर्ड के पास निजी जमीन से जोल गांव के लिए एंबुलेंस न जाने देने का मामला सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। आरोप है कि जच्चा-बच्चा को लेकर एंबुलेंस जिस रास्ते उसे घर छोड़ने जा रही थी, उस जमीन को निजी होने का दावा कर एक व्यक्ति ने वहां बाडबंदी की थी।

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Fence placed on ambulance road in mandi, woman brought home on chair, complaint also reached to police
एंबुलेंस रोड पर लगाई बाड़। - फोटो : संवाद

विस्तार

हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में सनयाहरड वार्ड में हाउसिंग बोर्ड के पास निजी जमीन से जोल गांव के लिए एंबुलेंस न जाने देने का मामला सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। आरोप है कि जच्चा-बच्चा को लेकर एंबुलेंस जिस रास्ते उसे घर छोड़ने जा रही थी, उस जमीन को निजी होने का दावा कर एक व्यक्ति ने वहां बाडबंदी की थी। काफी मिन्नतें करने पर जब व्यक्ति एंबुलेंस के लिए बाड़ हटाने के लिए नहीं माना तो परजिनों को मजबूरन प्रसूता को कुर्सी पर बैठाकर करीब एक किलोमीटर उबड़खाबड़ रास्ते से घर पहुंचाना पड़ा। कुछ लोगों का कहना है कि मामले की सूचना पुलिस को भी दी गई है। लेकिन सदर थाना और पुलिस चौकी में इस तरह कोई शिकायत न आने की बात कही गई है। पार्षद वीरेंद्र आर्य ने कहा कि कि ऐसा मामला सामने आया है। एसडीएम रीतिका जिंदल ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है।

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मामला सोशल मीडिया में समाने आने के बाद स्थानीय लोग रास्ता रोकने वाले व्यक्ति पर नाराजगी जता रहे हैं। प्रसूता के सास संध्या ने कहा कि प्रसव पीड़ा के चलते महिला को क्षेत्रीय अस्पताल मंडी में भर्ती करवाया था। यहां शनिवार को उसने सीजेरियन से बच्ची को जन्म दिया। सोमवार को जच्चा-बच्चा को अस्पताल से छुट्टी मिल गई। उन्हें एंबुलेंस से घर लाया जा रहा था। इस बीच रास्ते में बाड़ लगने के कारण यह आगे नहीं जा पाई। महिला के परिजनों ने व्यक्ति से बाड़ हटाने के लिए मिन्नतें कीं। करीब डेढ़ घंटे तक एंबुलेंस में बैठे रहने से महिला की तबीयत बिगड़ गई इसके बावजूद उसका दिल नहीं पसीजा। मजबूरन परिजनों को वहां से एक किलोमीटर पीछे हट कर महिला को कुर्सी पर बैठा कर घर पहुंचाना पड़ा। 
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एंबुलेंस रोड की एनओसी
महिला की सास के अलावा सगे-संबंधियों विपिन कुमार और किशोर कुमार ने बताया कि सड़क को बोर्ड ने 10-12 वर्ष पहले एंबुलेंस रोड के लिए एनओसी दी है। यह गांव के लिए एक मात्र रास्ता है। यदि कोई ग्रामीण देर रात बीमार हो जाए तो उसे अस्पताल पहुंचाने और गृह निर्माण सामग्री लाने के लिए इसी रास्ते का प्रयोग करना पड़ता है। यह भी आरोप है कि आठ माह पहले ही आरोपी व्यक्ति ने यहां जमीन खरीदी है। वह सड़क को भी अपनी मलकीयत भूमि बता रहा है। पहले भी उसने रास्ता बंद किया था। उस वक्त प्रशासन के हस्तक्षेप करने से इसे बहाल करवा दिया था। अब दोबारा उसने रास्ता बंद कर दिया है।

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