लाडली की विदाई नहीं देख पाया पिता, मंडप पर देख तोड़ा दम
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हिमाचल के सिरमौर जिले के अजीवाला गांव में एक विवाह समारोह की खुशियां मातम में बदल गई। बड़े अरमान के साथ पिता ने बेटी की शादी के सपने संजोए थे। वह घड़ी भी आई लेकिन पिता बेटी को विदा नहीं कर पाया।
इससे पहले कि विदाई की रस्म अदा की जाती, पिता की मौत हो गई। मौत की वजह हार्ट अटैक बताया जा रहा है। इस घटना से पूरे इलाके में मातम का माहौल है। जानकारी अनुसार उपमंडल पांवटा के गांव अजीवाला के नंद किशोर की बेटी की आज शादी थी।
पिता ने हैसियत से बढ़कर बेटी की शादी की तैयारी की। बैंड बाजे के साथ बेटी की बारात भी घर पहुंची। शादी का मंडप सजा। शादी की पूरी तैयारी की जा रही थी लेकिन घराती और बाराती की मिलनी के 15 मिनट बाद ही पिता नंद किशोर को दिल का दौरा पड़ गया।
उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे परिजन अस्पताल लेकर गए, लेकिन उससे पहले ही उसकी मौत हो चुकी थी। उसे पांवटा अस्पताल लाया गया जहां उसे चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
घर तक मौत की सूचना नहीं दी
इसके बाद वहां मौजूद लोगों ने घर तक मौत की सूचना नहीं पहुंचने दी। यही बताया गया कि उसे रेफर किया गया है। देहरादून ले जाया जा रहा है। दोपहर बाद जब बेटी की विदाई हुई और बारात वापस लौटी तो उसका शव घर लाया गया। पिता ने जमाई राजा सहित
बारातियों का स्वागत-सत्कार तो किया लेकिन बेटी की विदाई में शरीक नहीं हो पाए। कुडियां पंचायत प्रधान श्रवण सिंह ने बताया कि मंडप में शादी की रस्म शुरू ही हुई थी कि नंद किशोर को अचानक दिल का दौरा पड़ गया। उसे पांवटा ले जाया गया था, लेकिन विधाता को कुछ और ही मंजूर था।