अभिनेता रोहिताश गौड़ बोले- ‘भाभी जी घर पर हैं’ ने दिलाई नई पहचान
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‘भाभी जी घर पर हैं’ नाटक से चर्चा में आए फिल्म अभिनेता और छोटे पर्दे के मनमोहन तिवारी रोहिताश गौड़ भी हिल्सक्वीन शिमला के मुरीद हैं। राजधानी शिमला आए रोहिताश ने अमर उजाला से अनुभव साझा करते हुए कहा, भाभी जी घर पर हैं, टीवी सीरियल ने उन्हें लोगाें के घरों तक पहुंचाया।
वे दिल में जगह देने के लिए दर्शकों के शुक्रगुजार हैं। उन्होंने कहा कि माया नगरी मुंबई में भी शिमला को पहाड़ों की रानी ही पुकारा जाता है। मुंबई समेत देश विदेश के पर्यटक शिमला के मुरीद हैं और यहां के कल्चर से जुड़ना चाहते हैं।
रोहिताश ‘जूजू’ ने बताया कि उनके पिता स्वर्गीय सुदर्शन गौड़ हिल्सक्वीन में आबकारी विभाग में रहे। जबकि उनाकी माता स्वर्गीय शांति गौड़ ने आर्य स्कूल में बतौर अध्यापिका कार्य किया। जाखू केंद्रीय विद्यालय में बचपन की पढ़ाई करने वाले रोहिताश कहते हैं, अभिनय की दुनिया में कड़ी मेहनत जरूरी है।
हवा में तीर चलाने वालों का मुंबई में तांता लगा रहता है, लेकिन वही आगे बढ़ता है जो अभिनय को गंभीरता से लेता है। थिएटर के जरिये छोटे पर्दे की दुनिया में नाम कमाने के लिए युवाओं को सबसे पहले प्रशिक्षण लेना चाहिए। रोहिताश ने अपने पिता को आदर्श बताया।
शिमला में पानी के संकट का मुंबई में बच्चे-बच्चे को पता
रोहिताश ने कहा, मुंबई में बच्चा-बच्चा पूछता है कि शिमला में पानी नहीं आ रहा है क्या ? लोगों ने टीवी के माध्यम से देखा कि शिमला में इस बार पानी की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है, इस कारण मुंबई के कई लोगों ने शिमला आने का टूर कैंसल कर दिया था।
मनीष झा के निर्देेशन में मातृभूमि फिल्म में पहली बार काम किया। इस फिल्म के लिए कांस फेस्टिवल समारोह में बेस्ट आवेशन का अवार्ड मिला। इसके अलावा दादा साहब फालके फिल्म फाउंडेशन अवार्ड, तीन सालों से लगातार इंडिया टेलिविजन एकेडमी अवार्ड, जी गोल्ड अवार्ड, सोनी टेली अवार्ड से सम्मानित हो चुके हैं।
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फिल्में
मुन्नाभाई एमबीबीएस, अतिथि तुम कब जाओगे, धूप, पिंजर, वीर सावरकर और लगे रहो मुन्नाभाई जैसी प्रसिद्ध फिल्मों में बतौर कलाकार काम किया।