आवेदकों को फर्जी नियुक्ति पत्र बांटकर चल रहा ठगी का खेल
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युवाओं में सरकारी नौकरी पाने की चाहत ठगों के निशाने पर है। प्रदेश के वन विभाग में पिछले कुछ समय में की गई मल्टीपर्पस वर्कर और फॉरेस्ट गार्ड पदों की भर्ती के नाम पर कई युवाओं से मोटी रकम ऐंठ ली है। उक्त पदों के आवेदकों से ठगी के मामले संज्ञान में आने पर शासन ने पुलिस और सीआईडी को जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।
युवाओं में सरकारी नौकरी पाने की चाहत ठगों के निशाने पर है। प्रदेश के वन विभाग में पिछले कुछ समय में की गई मल्टीपर्पस वर्कर और फॉरेस्ट गार्ड पदों की भर्ती के नाम पर कई युवाओं से मोटी रकम ऐंठ ली है। उक्त पदों के आवेदकों से ठगी के मामले संज्ञान में आने पर शासन ने पुलिस और सीआईडी को जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।
वन विभाग के लेटर हेड पर नियुक्ति पत्र हो रहे जारी
जानकारी के अनुसार युवाओं को ठगी के जाल में फंसाने के लिए जालसाज हिमाचल प्रदेश वन विभाग के लेटर हेड पर नियुक्ति पत्र जारी कर रहे हैं। आवेदक युवाओं को विभिन्न पदों के लिए बारह से तीस हजार तक का वेतन देने की भी बात कही जा रही है। नियुक्ति पत्र के एवज में आवेदकों से बीस से पचास हजार रुपये लिए जा रहे हैं। कई युवा जालसाजी का शिकार हो चुके हैं।
ठगी के मामलों को लेकर शासन के पास कुछ युवाओं ने शिकायत की है, जिसके बाद अब शासन ने मामले में विभाग को जांच के आदेश दिए हैं। अतिरिक्त मुख्य सचिव वन तरुण कपूर ने कहा कि इस संबंध में शिकायत मिलने के बाद पुलिस और सीआईडी को पत्र लिखकर जांच के लिए कहा गया है।
पुलिस से करें संपर्क
इसके अलावा पीसीसीएफ (हाफ) को भी पत्र लिखकर निर्देश दिए गए हैं कि वह इस बात की भी जांच करें कि ठगों को आखिर आवेदन करने वाले और वेटिंग लिस्ट में शामिल युवाओं की जानकारी कहां से मिली।
कपूर ने इसके साथ ही लोगों से अपील की है कि वह नौकरी दिलवाने का प्रलोभन या झांसा देने वालों के बारे में विभागीय अधिकारियों के अलावा पुलिस से संपर्क करें। नियुक्ति पत्र के संबंध में शक होने पर विभाग के मुख्यालय से भी संपर्क किया जा सकता है।