डॉक्टरों को बड़ा तोहफा देने जा रही है वीरभद्र सरकार
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आईजीएमसी और टांडा मेडिकल कॉलेज में तैनात डॉक्टरों की सेवानिवृत्ति आयु पांच साल बढ़ाने की तैयारियों में राज्य सरकार जुट गई है। स्वास्थ्य महकमे के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई तो डॉक्टरों का सेवाकाल 62 साल से बढ़कर 67 साल हो जाएगा। इसके साथ ही विभाग ने मेडिकल कॉलेजों में विभागाध्यक्षों की दो साल बाद रोटेशन करने का फैसला भी लिया है।
इससे जूनियर डॉक्टरों को भी विभागाध्यक्ष बनने का मौका मिलेगा। अभी विभागाध्यक्ष की रिटायरमेंट का इन्हें इंतजार करना पड़ता है। डॉक्टरों के सभी वर्गों को राहत देने के लिए राज्य सरकार यूजीसी के नियमों को भी स्टडी कर रही है। संभावित है कि अक्तूबर में होने वाली राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में इस प्रस्ताव को लाया जा सकता है।
प्रदेश के दोनों मेडिकल कॉलेजों में पढ़ाने वाले डॉक्टरों की सेवानिवृत्त आयु बढ़ाने का जूनियर डाक्टर विरोध कर रहे हैं। जूनियर डॉक्टरों का तर्क है कि इस फैसले के लागू होने से जूनियर डॉक्टरों को विभागाध्यक्ष बनने का मौका नहीं मिल सकेगा।
स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर बोले..
कई जूनियर डॉक्टर विभागाध्यक्ष बनने की चाह के साथ ही सेवानिवृत्त हो जाएंगे। उधर, मेडिकल कालेजों के वरिष्ठ डाक्टर सरकार से सेवानिवृत्त आयु बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। वहीं सेमडीकॉट (मेडिकल एवं डेंटल टीचर एसोसिएशन) ने सरकार से इस फैसले को न लेने की मांग की है। ऐसे में सरकार ने बीच का रास्ता निकालते हुए विभागाध्यक्षों के पद पर दो साल बाद रोटेशन करने की योजना बनाई है।
इससे अधिकांश डाक्टर विभागाध्यक्ष बन सकेंगे। मेडिकल कालेजों में पढ़ाने वाले डाक्टरों की भी कमी नहीं होगी। स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने कहा कि मेडिकल कॉलेजों में सेवानिवृत्ति आयु बढ़ाने पर विचार चल रहा है। विभागाध्यक्षों की दो साल बाद रोटेशन करने की भी योजना है। इन फैसलों से सभी डाक्टरों को लाभ होगा। आने वाले दिनों में योजना और अधिक स्पष्ट होगी।