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Shimla News: कुल्लू पट्टी के गर्म सूट और कोट महिलाओं की बने पहली पसंद
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गेयटी थियेटर में कुल्लू घाटी के हथकरघा और हस्तशिल्प उत्पादों की प्रदर्शनी शुरू
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी के ऐतिहासिक गेयटी थियेटर में रविवार को कुल्लू घाटी के हथकरघा और हस्तशिल्प उत्पादों की प्रदर्शनी शुरू हुई। इसमें कुल्लू के 40 कारीगरों के उत्पाद प्रदर्शित किए गए हैं जिनमें 25 महिलाएं शामिल हैं।
प्रदर्शनी में कुल्लू पट्टी के गर्म सूट और कोट महिलाओं को आकर्षित कर रहे हैं। इनका मूल्य तीन से 8 हजार रुपये तक है। इसके अलावा प्रदर्शनी में मफलर, ऊनी कपड़ा, कुल्लू जैकेट, गाउन, पैंट, कुल्लू टोपी और हाथों से तैयार किए गए मोजों सहित अन्य सामान प्रदर्शित किया गया है। शाही अंदाज की कढ़ाई वाली कश्मीरी पश्मीना और ऊन से बनाए शॉल भी महिलाओं को लुभा रहे हैं। इस शॉल में बारीक जरी, पश्मीना धागों से पत्ती, फूल और बेल-बूटेदार डिजाइन बने हैं जो अपनी भव्यता और गर्माहट के लिए मशहूर हैं। इन शॉलों का मूल्य एक हजार से 15 हजार रुपये तक है। प्रदर्शनी में स्टाल 2500, सेमीवूल शॉल 1000 से 1500 तक और किन्नौरी शॉल 12,500 रुपये तक बिक रही है। प्रदर्शनी के प्रबंधक भाग चंद ने बताया कि कुल्लू में यह शॉल कटलूम (बुनाई की मशीन) में बनाए जाते हैं। लखनऊ, कानपूर, भोपाल, चंडीगढ़ और इलाहाबाद में भी प्रदर्शनी लगाने के लिए जाते हैं। गेयटी में प्रदर्शनी 9 फरवरी तक चलेगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी के ऐतिहासिक गेयटी थियेटर में रविवार को कुल्लू घाटी के हथकरघा और हस्तशिल्प उत्पादों की प्रदर्शनी शुरू हुई। इसमें कुल्लू के 40 कारीगरों के उत्पाद प्रदर्शित किए गए हैं जिनमें 25 महिलाएं शामिल हैं।
प्रदर्शनी में कुल्लू पट्टी के गर्म सूट और कोट महिलाओं को आकर्षित कर रहे हैं। इनका मूल्य तीन से 8 हजार रुपये तक है। इसके अलावा प्रदर्शनी में मफलर, ऊनी कपड़ा, कुल्लू जैकेट, गाउन, पैंट, कुल्लू टोपी और हाथों से तैयार किए गए मोजों सहित अन्य सामान प्रदर्शित किया गया है। शाही अंदाज की कढ़ाई वाली कश्मीरी पश्मीना और ऊन से बनाए शॉल भी महिलाओं को लुभा रहे हैं। इस शॉल में बारीक जरी, पश्मीना धागों से पत्ती, फूल और बेल-बूटेदार डिजाइन बने हैं जो अपनी भव्यता और गर्माहट के लिए मशहूर हैं। इन शॉलों का मूल्य एक हजार से 15 हजार रुपये तक है। प्रदर्शनी में स्टाल 2500, सेमीवूल शॉल 1000 से 1500 तक और किन्नौरी शॉल 12,500 रुपये तक बिक रही है। प्रदर्शनी के प्रबंधक भाग चंद ने बताया कि कुल्लू में यह शॉल कटलूम (बुनाई की मशीन) में बनाए जाते हैं। लखनऊ, कानपूर, भोपाल, चंडीगढ़ और इलाहाबाद में भी प्रदर्शनी लगाने के लिए जाते हैं। गेयटी में प्रदर्शनी 9 फरवरी तक चलेगी।
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