पूर्व कुलपति ने उठाए सवाल, विवि के कामकाज में हस्तक्षेप कर रहा राजभवन
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नए कुलपतियों की नियुक्तियों के बाद हिमाचल सरकार और राजभवन के बीच मतभेद को विराम मिला ही था कि अब नया विवाद खड़ा हो गया है। सेवा विस्तार से वंचित रहे पूर्व कुलपति डॉ. विजय सिंह ठाकुर ने राजभवन शिमला की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं।
पूर्व कुलपति ने कहा है कि राज्यपाल के ओएसडी का विश्वविद्यालयों के कामकाज में हस्तक्षेप सही नहीं हैं। डॉ. ठाकुर के अनुसार उन्होंने राजभवन के सुझाए कुछ मुद्दे विश्वविद्यालय हित में स्वीकार नहीं किए तो उनके कामकाज में हस्तक्षेप किया जाता रहा।
डॉ. ठाकुर वर्तमान में नौणी विश्वविद्यालय में ही निदेशक अनुसंधान के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने मंगलवार को एक लिखित वक्तव्य में कहा कि उनके संभावित सेवा विस्तार का मामला पिछले कई दिनों से सुर्खियों में रहा, मगर ईमानदारी से उन्होंने खुद इसके लिए प्रयास नहीं किए।
उन्होंने केवल यूनिवर्सिटी स्टाफ और विद्यार्थियों की इच्छा पर ही आवेदन किया। उन्होंने तीन साल में विश्वविद्यालय के कल्याण के लिए कई कदम उठाए। वे कह सकते हैं कि उन्होंने शोध, शिक्षा और बागवानों की जरूरतों को देखते हुए भविष्य के लिए बेंचमार्क स्थापित किया है।
राजभवन से लगातार होता है हस्तक्षेप
उन्होंने इससे पहले केवल राज्यपाल से 24 अप्रैल को ही भेंट की। उसके बाद नहीं। उस समय राजभवन की ओर से सुझाए गए कुछ मुद्दों को वे विश्वविद्यालय के हित में स्वीकार नहीं कर सकते थे। उनकी पृष्ठभूमि भी इसे मंजूरी नहीं देती थी।
इसके बाद से उनका राजभवन के तहत काम करना मुश्किल हो गया। उन्हें इस बीच विश्वविद्यालय के कार्यों में समस्याएं आईं। राजभवन से लगातार हस्तक्षेप होता रहा। विश्वविद्यालयों को चलाने के लिए राजभवन शिमला में बैठने वाले विशेष कार्य अधिकारी का रवैया सही नहीं है।
डॉ. ठाकुर ने कहा कि तनावपूर्ण स्थिति और जिम्मेवारी से अब वे मुक्त हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि नए कुलपति डॉ. हरिचंद गुप्ता अच्छे व्यक्ति हैं। वे आईसीआईएसएटी हैदराबाद में प्रतिष्ठित वैज्ञानिक रहे हैं। उम्मीद है कि वे बागवानों की उम्मीदों पर खरा उतरेंगे। उधर, इस मसले पर राज्यपाल के ओएसडी से उनका पक्ष जानने की कोशिश की गई लेकिन वह उपलब्ध नहीं हो पाए।
हमारा किया काम राज्यपाल ने प्रधानमंत्री मोदी को अपना बताया : डॉ. ठाकुर
डॉ. ठाकुर ने कहा कि खुद राज्यपाल उनके काम को अपना काम बताकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात कर चुके हैं। सड़कों से गायों को एकत्र कर विश्वविद्यालय में उनका संरक्षण करना और जीरो बजट प्राकृतिक फार्मिंग को उन्होंने अपना काम बताया है जबकि ये सब नौणी विश्वविद्यालय में उनका खुद का किया काम है।
‘डॉ. विजय सिंह ठाकुर के बयान की जानकारी नहीं है। इसे जानने के बाद ही इस पर कुछ कहा जा सकता है।’- पुष्पेंद्र राजपूत, सचिव, राज्यपाल, हिमाचल प्रदेश