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नहीं थमी रार, सुक्खू पर 11 विधायकों ने बोला हमला

Tue, 15 Jan 2019 10:13 AM IST
ashok chauhan न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Published by: ashok chauhan Updated Tue, 15 Jan 2019 10:13 AM IST
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eleven mlas stood with virbhadra singh and released statement against sukhwinder sukhu

पूर्व मंत्री आशा कुमारी, धनीराम शांडिल सहित कांग्रेस के 11 विधायक पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के साथ खड़े हो गए गए हैं और इन विधायकों ने पूर्व कांग्र्रेस प्रदेशाध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू पर जुबानी हमला बोला है।

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इन्होेंने संयुक्त बयान जारी कर कहा है कि पूर्व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने जो टिप्पणियां पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के बारे में की हैं, वह न केवल निंदनीय ही हैं अपितु ये इनके कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के पद को गंवाने पर बौखलाहट है।
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यह बीमार मानसिकता को दर्शाने वाला कदम है। अच्छा होता यदि सुक्खू इस तरह की बयानबाजी न करके बीजेपी के शीर्ष नेताओं और केंद्रीय सरकार की जन विरोधी नीतियों का विरोध करते।

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कांग्रेस नेताओं ने सुक्खू से ये निवेदन किया

eleven mlas stood with virbhadra singh and released statement against sukhwinder sukhu

सुक्खू से निवेदन है कि कांग्रेस पार्टी को आगामी लोक सभा चुनाव में विजयी बनाने के लिए आपसी गुटबाजी को नजरअंदाज करते हुए एकजुट हो जाएं। कांग्रेस के 11 विधायकों आशा कुमारी, धनीराम शांडिल, आईडी लखनपाल, नंद लाल, जगत सिंह नेगी, राजेंद्र राणा, मोहन लाल ब्राक्टा,  विक्रमादित्य सिंह,  विनय कुमार, आशीष बुटेल और पवन काजल के नाम से सोमवार को जारी बयान जारी कर यह बात कही।

इन विधायकों ने कहा कि वीरभद्र सिंह न केवल हिमाचल कांग्रेस बल्कि पूरे भारत में वरिष्ठतम नेताओं में से एक हैं। इन्होेंने पंडित जवाहर लाल नेहरू से लेकर डा. मनमोहन सिंह तक के भारत के प्रधानमंत्रियाें के साथ कार्य किया है। प्रदेश के 6 बार मुख्यमंत्री, कई बार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री के रूप में सेवा कर चुके हैं। सुक्खू का बयान न केवल वीरभद्र सिंह को अपमानित करता है अपितु कांग्रेस पार्टी और प्रदेश के लोगों को भी अपमानित करने वाला है।

सुखविंद्र पिछले छह साल से प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में कार्य कर रहे थे। उनकी निष्क्रिय कार्यशैली को ध्यान में रखते हुए और लोकसभा के चुनावों के दृष्टिगत उनकी जगह नया अध्यक्ष को बनाने का निर्णय कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने लिया। उनका यह बयान हास्यास्पद है कि वीरभद्र सिंह ने केंद्रीय नेतृत्व को गुमराह किया। सुक्खू ने कांग्रेस में कई नियुक्तियां स्थानीय विधायकों की इच्छा के विरुद्ध कीं। 

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