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मनाली में कूड़े से बनेगी बिजली, राख से ईंटें और सीमेंट

Fri, 12 Jul 2019 11:42 AM IST
Krishan Singh मनु शर्मा, अमर उजाला, मनाली (कुल्लू)
मनु शर्मा, अमर उजाला, मनाली (कुल्लू) Published by: Krishan Singh Updated Fri, 12 Jul 2019 11:42 AM IST
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Electricity will be made from garbage in Manali, bricks and cement from ash
- फोटो : अमर उजाला

पर्यटन नगरी मनाली में 25 करोड़ की लागत से कूड़ा संयंत्र लगाया जा रहा है। यहां 100 टन कूड़े से रोजाना एक मेगावाट बिजली उत्पादन होगा। इसके अलावा कूड़े की राख से ईंटें (ब्लॉक) और सीमेंट बनाया जाएगा। दावा किया है कि कूड़ा संयंत्र से बिजली बनाने वाली प्रदेश की पहली नगर परिषद मनाली होगी।

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हालांकि, शिमला के भरपाल में ऐसा ही कूड़ा संयंत्र विदेशी नागरिक ने स्थापित किया है। नगर निगम ने मात्र जगह मुहैया करवाई है। मनाली नगर परिषद मुंबई की नेक्सट जेनरेशन केमिकल कंपनी के सहयोग से कूड़ा संयंत्र लगा रही है।
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अगस्त अंत या सितंबर से यह प्लांट काम करना शुरू करेगा। कंपनी 25 वर्षों तक इस संयंत्र को चलाएगी। यह संयंत्र वेस्ट टू एनर्जी है, जिसे रिफ्यूज्ड डिराइव्ड फ्यूल कहा जाता है। इससे जीरो प्रतिशत प्रदूषण होगा। 
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कंपनी के इंजीनियर सुमित शर्मा ने बताया कि 100 टन कूड़े से प्रतिदिन एक मेगावाट बिजली तैयार होगी। संयंत्र से निकलने वाली राख फैक्टरी को सीमेंट बनाने के लिए दी जाएगी। राख से घर बनाने वाले ब्लॉक भी कंपनी स्वयं बनाएगी। संयंत्र से 21 लोगों को रोजगार मिलेगा। 

कर्मचारियों के इलाज को 109 निजी अस्पताल सूचीबद्ध

नप अध्यक्ष नीना ठाकुर ने कहा कि मनाली पहला निकाय होगा, जो कूड़ा कचरा संयंत्र से बिजली बनाएगा। संयंत्र लगने से पूरे कुल्लू में कूड़े की समस्या हल होगी। इसके लिए गीला और सूखा कचरा अलग लिया जाएगा। हिमाचल स्वास्थ्य सेवाएं निदेशालय ने राज्य के 109 निजी अस्पतालों के एंपैनलमेंट का स्टेटस जारी किया है।

यह स्वास्थ्य विभाग की वेबसाइट पर है। इनमें से कई नए अस्पतालों को सूचीबद्ध किया गया है तो कई को रिन्यू करने को कहा गया है। ये अस्पताल कर्मचारियों, उनके आश्रितों और पेंशनरों के इलाज के लिए सूचीबद्ध किए गए हैं। इनमें उपचार करने पर रिइंबर्समेंट होती है। 

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