हिमाचल में चालू वित्त वर्ष के लिए बिजली की दरें तय, आयोग ने लिया फैसला
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हिमाचल में विद्युत नियामक आयोग ने चालू वित्त वर्ष के लिए बिजली की दरें तय कर दी हैं। विद्युत नियामक आयोग ने बिजली की व्यावसायिक और औद्योगिक दरों में बढ़ोतरी कर दी है।
हालांकि घरेलू उपभोक्ताओं की दरों में इजाफा नहीं किया गया है। शनिवार को जारी हुई साल 2018-19 की बिजली की दरों के तहत औद्योगिक और व्यावसायिक बिजली के दाम में डेढ़ से ढाई फीसदी की बढ़ोतरी की गई है।
यानी पांच से दस पैसे प्रति यूनिट दाम बढ़ाए गए हैं। घरेलू उपभोक्ताओं पर साल 2017-18 का स्लैब ही लागू रहेगा। पहली अप्रैल 2018 से प्रदेश में बिजली की नई दरें लागू होंगी।
हिमाचल में साल 2016 में घरेलू बिजली की दरें 3.5 फीसदी बढ़ाई गई थीं। बिजली बोर्ड ने अप्रैल 2018 से घरेलू बिजली की दरों को बढ़ाने का प्रस्ताव राज्य विद्युत नियामक आयोग को भेजा था।
बोर्ड प्रबंधन ने अपने घाटे को आधार बनाते हुए बढ़ोतरी की मांग की थी, लेकिन आयोग ने बोर्ड की सिफारिशों को दरकिनार कर इस साल घरेलू बिजली उपभोक्ताओं पर दरें बढ़ाने का बोझ नहीं डाला है।
वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने के लिए 200 करोड़
वहीं बिजली बोर्ड को राहत देते हुए आयोग ने सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने के लिए 200 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है। सरकार ने 2018-19 के बजट में बोर्ड को 475 करोड़ रुपये का अनुदान भी दिया है।
औद्योगिक इकाइयों पर दिखाई विशेष मेहरबानी
औद्योगिक इकाइयों की बिजली डेढ़ फीसदी महंगी करने के साथ ही बड़ी छूट देने का एलान भी किया है। इसके तहत जो औद्योगिक इकाई बीते साल के मुकाबले अधिक बिजली प्रयोग करेगी, उन्हें बिल में दस फीसदी की छूट मिलेगी।
इसके अलावा ईएचटी और एचटी टू वाली औद्योगिक इकाइयों को रात दस बजे से लेकर सुबह छह बजे तक प्रयोग की जाने वाली बिजली पर 40 पैसे से 60 पैसे प्रति यूनिट की दर पर छूट दी जाएगी।
पहली अप्रैल 2018 के बाद स्थापित नई इकाइयों को तीन साल तक जारी की गई बिजली की दरों में दस फीसदी की छूट दी जाएगी। इस सुविधा से औद्योगिक इकाइयाें को बिजली बिलों में 42 से 47.5 पैसे प्रति यूनिट की बचत होगी।