अब प्रदेश की सड़कों में दौड़गी मेड इन चाइना बस
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हिमाचल की सड़कों में मेड इन चाइना इलेक्ट्रिक बसें दौड़ेगी। एचआरटीसी के बेड़े में जल्द ही 30 बसें जुड़ने जा रही हैं। यह बसें शिमला में चलेंगी। इसके बाद दूसरे 20 इलेक्ट्रिक बसें आने पर उन्हें धर्मशाला में चलाया जाएगा। हिमाचल सरकार को एक 77 लाख रुपये में पड़ रही है।
कांग्रेस सरकार में जो इलेक्ट्रिक बसें आई थी, उसकी कीमत 1.90 करोड़ रुपये थी। सरकार ने फैसला लिया है कि इन बसों की मरम्मत के लिए शिमला में वर्कशॉप खोली जाएगी। एचआरटीसी वर्कशाप कर्मचारियों को भी इन बसों की मरम्मत करने का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
परिवहन मंत्री गोविंद ठाकुर ने इसकी पुष्टि की है। अभी हिमाचल के रोहतांग में इलेक्ट्रिक बसों को चलाया जा रहा है अब अब शिमला में इन बसों को चलाया जा रहा है। ये बसें 31 सीटर वाली होंगी।
सात कंपनियों ने दिखाई थी दिलचस्पी
बसों के लिए 7 कंपनियों ने दिखाई थी। टेंडर में अधिकतम रेट 1 करोड़ 25 लाख, न्यूनतम 77 लाख रेट आया था। इसके चलते कम रेट वाली कंपनी को ठेका दिया गया है। इन बसों की बैटरियां आधे घंटे में चार्ज होंगी। जबकि पहले आई बसें 5 से 8 घंटे में चार्ज होती हैं।
बैटरी की वारंटी 8 वर्ष तक होगी। कुछ बसें 8 और कुछेक 7 मीटर लंबी और 30 प्लस वन और 24 प्लस वन सीटर की होगी। एक महीने तक बसें ट्रायल बेसिस पर चलेगी। सब-कुछ सही रहा तो कंपनी को बसों की राशि का पूरा भुगतान किया जाएगा।