चुनाव तक किसान सम्मान निधि से नहीं जुड़ पाएंगे नए लाभार्थी
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केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना चुनाव आयोग के रडार पर आ गई है। आयोग ने हिमाचल सरकार को इस योजना के तहत नए लाभार्थी जोड़ने पर तत्काल रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। यही नहीं, आदर्श आचार संहिता के बाद जोड़े गए नामों को योजना के तहत सम्मान निधि भी जारी न करने को कहा है। आयोग के इस निर्देश के बाद प्रदेश सरकार ने योजना में नए नाम जोड़ने पर ब्रेक लगा दी है।
पिछले बजट के दौरान वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की घोषणा की थी। योजना को चालू वित्तीय वर्ष से ही शुरू किया गया। इस योजना के तहत हर चार महीने में पात्र किसानों को दो हजार रुपये खाते में डाले जाएंगे। केंद्र के एलान के बाद सरकार ने इस योजना की शर्तों के अनुरूप 8.42 लाख किसानों का चयन किया।
हालांकि 25 फरवरी को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के धर्मशाला में योजना के शुभारंभ के समय तक सर्वर में डाटा सिर्फ 1.41 लाख किसानों का ही दर्ज हो सका। योजना की लॉन्चिंग के दो दिन के भीतर इन किसानों के खातों में दो-दो हजार रुपये भी आ गए। चूंकि राजस्व विभाग ने चयनित 8.42 हजार किसानों के आवेदन लेने और दर्ज करने के लिए 31 मार्च तक का समय तय किया था, ऐसे में आवेदन लेने और दर्ज करने की प्रक्रिया जारी रही।
इस बीच आम चुनावों की घोषणा हो गई और चुनाव आदर्श आचार संहिता लागू हो गई। संहिता लगने के बाद अब आयोग ने प्रदेश सरकार को नए नाम न जोड़ने के निर्देश दिए हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी देवेश कुमार ने कहा कि आचार संहिता लगने से पहले योजना में दर्ज लाभार्थियों को तो अगली किस्त दी जा सकेगी, लेकिन इस मियाद के बाद नया नाम नहीं जुडे़गा।