रोहतांग दर्रा में बर्फ के बीच घंटों फंसी रही पांच बच्चों समेत 18 जिंदगियां
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रोहतांग दर्रा में सोमवार को बर्फबारी के बीच चार वाहनों में पांच बच्चों समेत 18 जिंदगियां घंटों फंसे रहे। जिन्हें कड़ी मशक्कत के बाद रेस्कयू टीम ने निकाला। बच्चों समेत 13 लोग रोहतांग दर्रा में करीब छह घंटे भूखे प्यासे गाड़ी में ही फंसे रहे। खराब मौसम के बीच रोहतांग से आवाजाही बेहद जोखिम भरी हो जाती है।
कोकसर से मनाली के लिए जा रही चार वाहनों में से दो पिकअप रोहतांग दर्रे पर बर्फ के बीच फंस गई। जिसमें कुल पांच लोग सवार थे। कोकसर और मढ़ी के बचाव चौकी के सदस्यों की मदद से पांचों को मढ़ी तक पहुंचाया गया। वहीं, पांच बच्चों समेत 13 यात्रियों से भरी दो सूमो छह घंटे तक बर्फबारी के बीच फंसी रही।
गोहरमा निवासी शमशेर ने बताया कि टैक्सी चालकों ने खराब मौसम होने के बाद भी सवारियों को बिठाया। सुबह गोहरमा से अपने परिवार के साथ मनाली के लिए टैक्सी में रवाना हुए। मगर रोहतांग से दो मोड़ नीचे वाहन बर्फ में फंस गई।जिसे बचाव दल की टीम ने बीआरओ की जेसीबी की सहायता से शाम चार बजे वापिस कोकसर पहुंचाया।
एकदम गिरती है अधिक बर्फ
ढ़ी में तैनात बचाव चौकी के प्रभारी मोहन लाल और बचाव चौकी कोकसर में तैनात एएसआई मुश्ताक ने बताया कि सुबह मौसम के ठीक होने पर कुछ वाहन भेजे गए। परंतु अचानक बर्फबारी के चलते दी वाहन रोहतांग के पास फंस गए।
जिन्हें बचाव चौकियां की टीम की कड़ी मशक्कत के बाद मढ़ी और कोकसर सुरक्षित पहुंचाए। उन्होंने राहगीरों व यात्रियों से आग्रह किया कि मौसम को देखते हुए रोहतांग होकर आवाजाही करें। खराब मौसम में रोहतांग होकर आवाजाही न करें।
13050 फीट ऊंचे रोहतांग दर्रा में मौसम का मिजाज बिगड़ते ही एकदम अधिक बर्फ गिर जाती है। ऐसे में वाहन सड़क पर स्किड होना शुरू हो जाते हैं। सड़क पर बर्फ गिरने के कारण वाहनों को चलाना जोखिम भरा हो जाता है। ऐसे में बीआरओ की मशीनरी के रास्ता साफ किया जाता है।