शिमला शहर में बंद बेअसर, क्रिसमस पर जमकर कारोबार
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शहर में नगर निगम की दुकानों का किराया बढ़ाए जाने के खिलाफ मंगलवार को बुलाया गया बाजार बंद बेअसर रहा। माल रोड, लोअर बाजार समेत शहर के सभी बाजारों में रोज की तरह दुकानें खुलीं।
सुबह के समय व्यापार मंडल के कुछ पदाधिकारी जबरदस्ती लोअर बाजार में दुकानें बंद करवाने लगे, लेकिन दुकानदारों के विरोध के बाद उल्टे पांव लौट गए। उधर, गंज बाजार और सब्जी मंडी में जरूर कुछ कारोबारियों ने कुछ देर के लिए दुकानें बंद रखी।
क्रिसमस के मौके पर बाजारों में सैलानियों की खूब भीड़ रही और दुकानदारों ने बाजार बंद की अपील को दरकिनार करते हुए जमकर कारोबार किया। दुकानदारों का कहना है कि गंज-सब्जी मंडी में अभी भी बाकी बाजारों से कम किराया है, ऐसे में बाजार बंद करना सही नहीं।
उपनगरों में भी दुकानें खुली रहंी। संजौली के दुकानदार रवि कुमार, न्यू शिमला के राजेश और लोअर बाजार के कारोबारी सुरजीत सिंह ने कहा कि निगम के नए रेट इतने ज्यादा भी नहीं है कि कारोबारी न दे सकें। ये मौजूदा रेट से कम ही हैं।
नगर निगम के समर्थन में उतरे कर्मचारी
नगर निगम के किराया बढ़ोतरी के फैसले को एमसी मिनिस्ट्रीयल स्टाफ यूनियन ने सही ठहराया है। अध्यक्ष ओपी ठाकुर और महासचिव सुरेश शर्मा ने कहा कि पहली बार शहर में दुकानों का न्यूनतम किराया तय हुआ है। इससे निगम की आय बढ़ेगी और विकास कार्यों के लिए बजट की कमी नहीं रहेगी।
ज्यादातर पार्षदों ने भी शहर के विकास को तवज्जो देते हुए किराया बढ़ाया है। पहले कई कारोबारियों का किराया बेहद कम था, जिसे अब उचित दरों पर लाया गया है। निगम में तीन सौ खाली पड़े पदों और 720 नए पदों को जल्द भरा जाना चाहिए, जिससे जनता को तुरंत सुविधाएं दी जा सकें।