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निजी स्कूलों के खिलाफ छात्र-अभिभावक ने फिर खोला मोर्चा
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शिमला। कई निजी स्कूलों की फीस वसूली में मनमानी के खिलाफ खिलाफ छात्र-अभिभावक मंच ने फिर से मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को शिक्षा निदेशालय के बाहर प्रदर्शन किया जाएगा। मंच ने चेताया कि निजी स्कूलों की लूट बंद करने , अभिभावकों और छात्रों की प्रताड़ना को रोकने के लिए जल्द कानून और रेगुलेटरी कमीशन का गठन नहीं किया गया तो आंदोलन होगा।
मंच के राज्य संयोजक विजेंद्र मेहरा और सदस्य विवेक कश्यप ने कहा है कि प्रदेश सरकार की नाकामी के चलते हुए निजी स्कूल धड़ल्ले से लूट पर उतर आए हैं। स्कूलों पर किसी का नियंत्रण नहीं है। निजी स्कूलों ने बड़ी चालाकी से वर्ष 2021 में कुल फीस के अस्सी प्रतिशत से ज्यादा हिस्से को ट्यूशन फीस में बदल कर लिया जा रहा है। जो अभिभावक रोजगार छिनने से फीस नहीं दे पा रहे हैं, उन्हें प्रताड़ित करने के लिए हर दिन उनसे सौ रुपये लेट फीस वसूलने, बच्चों को ऑनलाइन कक्षाओं और स्कूल से निकालने की धमकियां दी जा रही हैं।
मेहरा ने कहा कि सरकार ने कानून का प्रारूप तैयार करने में ही तीन वर्ष का समय लगा दिया। अभिभावकों ने दर्जनों सुझाव दिए हैं, इसको सरकार और विभाग ने नजरअंदाज कर दिया।
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मंच के राज्य संयोजक विजेंद्र मेहरा और सदस्य विवेक कश्यप ने कहा है कि प्रदेश सरकार की नाकामी के चलते हुए निजी स्कूल धड़ल्ले से लूट पर उतर आए हैं। स्कूलों पर किसी का नियंत्रण नहीं है। निजी स्कूलों ने बड़ी चालाकी से वर्ष 2021 में कुल फीस के अस्सी प्रतिशत से ज्यादा हिस्से को ट्यूशन फीस में बदल कर लिया जा रहा है। जो अभिभावक रोजगार छिनने से फीस नहीं दे पा रहे हैं, उन्हें प्रताड़ित करने के लिए हर दिन उनसे सौ रुपये लेट फीस वसूलने, बच्चों को ऑनलाइन कक्षाओं और स्कूल से निकालने की धमकियां दी जा रही हैं।
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मेहरा ने कहा कि सरकार ने कानून का प्रारूप तैयार करने में ही तीन वर्ष का समय लगा दिया। अभिभावकों ने दर्जनों सुझाव दिए हैं, इसको सरकार और विभाग ने नजरअंदाज कर दिया।
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