दूर कर रहे हैं शिक्षकों की रिक्तियां, बिना शिक्षक के नहीं कोई स्कूल
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प्रदेश में ऐसा कोई भी सरकारी स्कूल नहीं है, जहां कम से कम एक शिक्षक तैनात न हो। सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के रिक्त पदों को लेकर बुधवार को हाईकोर्ट में हुई सुनवाई में शिक्षा सचिव डॉ. अरुण कुमार शर्मा ने शपथपत्र के माध्यम से यह जानकारी दी। मामले पर वीरवार को दोबारा से सुनवाई होगी।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय करोल और न्यायाधीश संदीप शर्मा की खंडपीठ के समक्ष इस मामले की सुनवाई हुई। शिक्षा सचिव ने बताया कि शिक्षकों के रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया जारी है। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला चंबा के बघेईगढ़ और मंडी के वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला दोगरी में शिक्षकों के पद भर दिए गए हैं।
उधर, वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला दोगरी के बच्चों ने हाईकोर्ट के नाम पत्र लिखकर शिक्षकों को तैनात करने की गुहार लगाई थी। इस स्कूल में टीजीटी नॉन मेडिकल गणित का एक पद वर्ष 2006 से, टीजीटी विज्ञान का पद मई 2014 से, टीजीटी आर्ट्स के 2 पद 14 जुलाई 2016 से और भाषा अध्यापक का एक पद वर्ष 1998 से रिक्त चल रहा था।
2500 नए पदों पर भर्ती
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बघेईगढ़ में 5 शिक्षकों के ज्वाइन न करने पर स्कूल में पढ़ने वाले विद्यार्थी भूख हड़ताल पर चले गए थे। हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद हरकत में आए शिक्षा विभाग ने इन स्कूलों में रिक्त पदों को भरा।
प्रदेश उच्च न्यायालय ने विभिन्न स्कूलों में खाली पड़े हजारों शिक्षकों के पदों को तुरंत भरने के लिए राज्य सरकार को आदेश जारी किए हैं। हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद शिक्षा विभाग की ओर से खाली पड़े शिक्षकों के पदों को तुरंत भरने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
शिक्षा विभाग टीजीटी और जेबीटी के करीब 2500 नए पद बैचवाइज और आयोग के माध्यम से भर रहा है।