फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Education Minister Rohit Thakur participated in the Pran Pratishtha of the newly constructed palanquin of deit

Shimla: रोहित ठाकुर बोले- प्रदेश की देव संस्कृति का है अपना एक अलग और विशेष रंग

Sat, 06 Dec 2025 04:34 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, जुब्बल(रोहड़ू)
अमर उजाला नेटवर्क, जुब्बल(रोहड़ू) Published by: Krishan Singh Updated Sat, 06 Dec 2025 04:34 PM IST
सार

जुब्बल उपमंडल के खनाशनी क्षेत्र के अंतर्गत गिलटाड़ी गांव में मौजूद थे, जहां उन्होंने देवता गुडारू की नव निर्मित पालकी की प्राण प्रतिष्ठा में हिस्सा लिया। 

विज्ञापन
Education Minister Rohit Thakur participated in the Pran Pratishtha of the newly constructed palanquin of deit
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने देवता गुडारू की नव निर्मित पालकी की प्राण प्रतिष्ठा में हिस्सा लिया। - फोटो : संवाद

विस्तार

शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने शनिवार को जुब्बल उपमंडल के खनाशनी क्षेत्र के अंतर्गत गिलटाड़ी गांव में मौजूद थे, जहां उन्होंने देवता गुडारू की नव निर्मित पालकी की प्राण प्रतिष्ठा में हिस्सा लिया। इस अवसर पर उन्होंने देवता के मंदिर में शीश नवाया और आशीर्वाद लिया। उन्होंने स्थानीय लोगों को इस आयोजन पर शुभकामनाएं दीं और देवता से क्षेत्र की खुशहाली और समृद्धि के लिए प्रार्थना की।  रोहित ठाकुर ने बताया कि हिमाचल  देवभूमि के नाम से जाना जाता है और यहां की देव संस्कृति का अपना एक अलग और विशेष रंग है जो सारी दुनिया में और कहीं देखने को नहीं मिलता।  प्रदेश में मनाए जाने वाले मेले और त्योहारों में हमारी इस जीवंत संस्कृति की झलक देखने को मिलती है। उन्होंने बताया कि इस प्रकार के अनुष्ठान हमारी देव संस्कृति का प्रतीक है और यह आवश्यक है कि हम सब इन सांस्कृतिक धरोहरों को संजो कर रखें जिससे हमारी महान और अनूठी देव संस्कृति अनंतकाल तक संरक्षित रह सके।

विज्ञापन


 इस मंदिर का निर्माण 2022 में किया गया था और आज 6 माह पूर्व निर्मित पालकी की प्राण प्रतिष्ठा पूरे वैदिक विधि से मंत्रोच्चार से की गई। इस दौरान महिलाओं की ओर से भव्य कलश यात्रा भी निकली गई है। उन्होंने बताया कि 2023 में गिलटाड़ी गांव के लिए संपर्क मार्ग का निर्माण भी करवाया गया था। गौरतलब है कि गुडारू देवता महासू देवताओं में एक प्रमुख देवता है और गिलटाड़ी के अतिरिक्त झालटा और क्वालटा में इनकी पूजा-अर्चना की जाती है। इस शुभ अवसर पर महासू देवता के मूल स्थान हनोल (उत्तराखंड) से बोठा महासू, वाशिक महासू, पवासी महासू और चालदा महासू देवताओं के चिन्ह स्वरूप डोरिया को भी विशेष रूप से आमंत्रित किया गया था।  इस अवसर पर निदेशक हिमफेड भीम सिंह झौटा, पूर्व जिला परिषद सदस्य मोतीलाल सिथता, देवता कमेटी के सदस्यों सहित सभी विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। 

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed