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अस्थायी शिक्षकों की शैक्षणिक योग्यता का ब्योरा लेने में जुटा शिक्षा महकमा
Tue, 04 Feb 2020 12:15 PM IST
Krishan Singh
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Tue, 04 Feb 2020 12:15 PM IST
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सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बाद हरकत में आए शिक्षा विभाग ने अस्थायी शिक्षकों की शैक्षणिक योग्यता का ब्योरा जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सभी जिला उपनिदेशकों को एक परफार्मा भेज कर पीटीए, पैट, पैरा का नियुक्ति के दिन की शैक्षणिक योग्यता की जानकारी दो दिन के भीतर देने को कहा है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर 15 हजार पीटीए, पैट, पैरा और जीवीयू का भविष्य टिका हुआ है।
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प्रदेश के सरकारी स्कूलों में नियुक्त करीब 15 हजार अस्थायी शिक्षकों की नियुक्तियों को चुनौती देने वाले मामले की बीते सप्ताह सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई पूरी हो गई है। कोर्ट ने मामले पर फैसला सुरक्षित रखते हुए हिमाचल सरकार से अस्थायी शिक्षकों की शैक्षणिक योग्यता का ब्योरा देने के आदेश दिए हैं। बता दें कि नौ दिसंबर 2014 को हिमाचल हाईकोर्ट ने अस्थायी शिक्षकों के हक में फैसला सुनाया था।
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फैसला आने के बाद राज्य सरकार ने 10 साल का सेवाकाल पूरा कर चुके पैरा शिक्षकों को नियमित किया था। सात साल का कार्यकाल पूरा कर चुके पीटीए शिक्षकों को अनुबंध पर लाया था। इसी बीच प्रतिवादी राममूर्ति ने सुप्रीम कोर्ट में कैविट दायर कर दी। 22 जनवरी 2015 में सुप्रीम कोर्ट ने मामले पर यथा स्थिति बरकरार रखने के आदेश दिए। इसके चलते प्रदेश सरकार शिक्षकों को नियमित नहीं कर पा रही है।
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पीटीए, पैट और पैरा शिक्षक बीते कई सालों से नियमितीकरण की मांग कर रहे हैं। शिक्षा निदेशालय ने जिला अधिकारियों से नियुक्ति के समय जमा दो कक्षा में 50 फीसदी से ज्यादा और 50 फीसदी से कम अंक प्राप्त करने वाले अस्थायी शिक्षकों की जानकारी मांगी है। इसके अलावा उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले शिक्षकों का ब्योरा भी मांगा गया है।