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CM वीरभद्र की बढ़ी मुश्किलें, ED की छापेमारी

Sat, 21 Nov 2015 05:46 AM IST
Updated Sat, 21 Nov 2015 05:46 AM IST
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ED raid in three states on cm virbhadra singh case.

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की आय से अधिक संपत्ति के मामले में मुसीबत कम होने की बजाए बढ़ती ही जा रही है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार को इस मामले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के सिलसिले में तीन राज्यों के दर्जन ठिकानों पर छापेमारी की। ईडी अधिकारियों ने एक साथ दिल्ली, मुंबई (महाराष्ट्र) और कोलकाता (पश्चिम बंगाल) में दबिश दे कर मामले से जुड़े कागजात बरामद किए हैं।

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निदेशालय सूत्रों के मुताबिक यह ठिकाने वीरभद्र से जुड़े और एफआईआर में नामित लोगों से संबंधित है। ईडी ने सितंबर में सीबीआई की दर्ज एफआईआर के आधार पर वीरभद्र और उनके परिवार के लोगों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग से संबंधित मामला दर्ज किया था।
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सीएम से जुड़े लोगों के ठिकानों पर दबिश

ED raid in three states on cm virbhadra singh case.

यह छापेमारी उसी आधार पर की गई है। सूत्रों ने कहा कि छापेमारी की यह कार्रवाई सुबह शुरू की गई। उन्होंने यह भी कहा कि यह छापे उन व्यावसायिक संस्थानों के परिसरों पर भी मारे गए जिन पर कथित रूप से वीरभद्र के सहयोगियों से फंड हासिल किया है। ईडी ने वीरभद्र सिंह के खिलाफ सितंबर में आपराधिक शिकायत का संज्ञान लेते हुए प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के प्रावधानों के उल्लंघन का मामला दर्ज किया था।

सीएम की गिरफ्तारी पर लगी है रोक

गौरतलब है कि सीबीआई एफआईआर के बाद हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने अर्जी दी थी। अदालत ने सीबीआई को बिना आदेश वीरभद्र से पूछताछ करने या गिरफ्तार करने पर रोक लगा रखा है। सीबीआई एफआईआर के मुताबिक, वीरभद्र ने 2009-11 के बीच केंद्र की यूपीए सरकार में इस्पात मंत्री रहते हुए करीब छह करोड़ रुपये की आय अधिक संपत्ति इकट्ठा की थी।

इस संपत्ति को एलआईसी एजेंट चौहान के जरिये अपने और परिवार के सदस्यों के नाम पर कथित रूप से जीवन बीमा पॉलिसी में निवेश किया गया था। 2012 में फाइल किए गए आयकर रिटर्न में इस संपत्ति को कृषि से अर्जित आय बताया गया है।

ये है सीएम से जुड़ा पूरा मामला

ED raid in three states on cm virbhadra singh case.

ईडी ने पिछले दिनों नई दिल्ली में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और उनके परिवार के अन्य लोगों के खिलाफ पवर्तन निदेशालय में मामला दर्ज किया था। यह मामला प्रीवेंशन टू मनी लॉड्रिंग एक्ट के तहत पंजीकृत किया गया। यह मामला सिंतबर में सीबीआई की ओर से दर्ज किए गए आय से अधिक संपत्ति मामले को आधार बनाकर दर्ज किया गया है।

इसमें मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह पर वर्ष 2009 से लेकर 2011 के बीच 6.1 करोड़ रुपये के धन को अर्जित करने से संबंधित सही स्रोत नहीं दिखा पाने के आरोप है। इसी मामले में सीबीआई ने सितंबर माह में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के कई ठिकानों पर भी दबिशें दी थी।

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द्वेष की राजनीति कर रहे अरुण जेटली : विक्रमादित्य

ED raid in three states on cm virbhadra singh case.

हिमाचल युवा कांग्रेस के अध्यक्ष और मुख्यमंत्री के पुत्र विक्रमादित्य सिंह ने शुक्रवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई को द्वेष की राजनीति करार दिया है। उन्होंने सीधे-सीधे केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली को इसका जिम्मेवार ठहराया। कहा कि अरुण जेटली मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के पीछे पड़े हुए हैं। साल 2012 में शपथ लेने के समय से भाजपा कोई न कोई षड्यंत्र रचे जा रही है।

पारिवारिक समारोहों के दौरान मुख्यमंत्री के खिलाफ कार्रवाई करना दुर्भाग्यपूर्ण है। मेरी बड़ी बहन की शादी के समय सीबीआई ने छापामारी की। शुक्रवार को मुख्यमंत्री पटना में नीतिश कुमार के शपथ ग्रहण समारोह में गए थे तो ईडी ने छापामारी कर दी। ऐसा पहली बार हुआ है कि प्रवर्तन निदेशालय ने कार्रवाई की जानकारी प्रेस वार्ता में दी है।

इससे साफ प्रतीत होता है कि केंद्र सरकार की कार्रवाई द्वेषपूर्ण है। युवा कांग्रेस अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री के बयान को दोहराते हुए कहा कि केंद्र सरकार विदेश की एजेंसियों से भी जांच करवा ले। इस तरह के मामलों से जनता गुमराह नहीं होगी। हिमाचल में भी बिहार की तरह भाजपा को हार का सामना करना पड़ेगा।

आखिर क्यों नहीं हटाए जा रहे वीरभद्र: रणधीर

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वहीं, भाजपा के प्रदेश महामंत्री एवं नयनादेवी के विधायक रणधीर शर्मा ने कहा है कि भ्रष्टाचार के साक्ष्य होते हुए भी आखिर क्यों वीरभद्र सिंह को उनके पद से हटाया नहीं जा रहा है? यह समझ से परे है। यहां जारी बयान में उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के विरुद्ध हमेशा जीरो टॉलरेंस की बात करने वाले राहुल गांधी आखिरकार क्यों इस मामले में चुप्पी साधे हुए है।

भाजपा महामंत्री ने कहा कि पहले आय से अधिक संपत्ति के मामले में सीबीआई ने वीरभद्र सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज की और अब मनी लॉड्रिंग को लेकर प्रवर्तन निदेशालय ने भी मुकद्दमा दर्ज किया है। उन्होंने कहा कि एफआईआर के बाद वीरभद्र को पद से हटाया जाना चाहिए। सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय ने लंबी जांच के बाद ही सबूतों के आधार पर यह मामले दर्ज किए हैं।

वीरभद्र सिंह को भी चाहिए कि वह पद छोड़कर अपने खिलाफ लगे आरोपों का सामना करें। हिमाचल की जनता ने उन्हें प्रदेश के विकास के लिए मुख्यमंत्री का पद दिया है। पार्टी की मेल आईडी से जारी बयान में रणधीर ने कहा कि स्वयं कि कार्यों का परिणाम मुख्यमंत्री को भुगतना पड़ेगा।

वीरभद्र की सोनिया और राहुल से डील

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हिमाचल भाजपा के राष्ट्रीय सचिव और प्रभारी श्रीकांत शर्मा ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की सोनिया गांधी और राहुल गांधी से कोई डील है। हिमाचल की कांग्रेस सरकार पूरी तरह से भ्रष्टाचार में डूबी हुई है। यूपीए सरकार के समय भी केंद्रीय मंत्री रहते हुए वीरभद्र सिंह पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे, लेकिन उस दौरान ईडी व सीबीआई पर दबाव के चलते कोई भी कार्रवाई नहीं हुई थी।

श्रीकांत शर्मा ने कांगड़ा चंबा संसदीय क्षेत्र के कार्यकर्ताओं के शिविर में हिस्सा लेने के बाद शाम को पत्रकारों से बातचीत की। कहा कि केंद्र से आए पैसों का लाभ जनता को नहीं मिल रहा है। मुख्यमंत्री सिर्फ अपनी कुर्सी बचाने में लगे हुए हैं। प्रशासन यदि चुस्त होता तो कोटला गांव में हुआ बड़ा हादसा टाला जा सकता था।

पंचायत राज के चुनाव को लेकर प्रदेश के सभी संसदीय क्षेत्रों में कार्यकर्ताओं के साथ बैठकें की जा रहीं हैं। केंद्र हिमाचल के लिए बहुत कुछ दे रहा है लेकिन वीरभद्र सरकार इसका लाभ नहीं उठा पा रही है।

लकवाग्रस्त हो गई है कांग्रेस सरकार : श्रीकांत शर्मा

ED raid in three states on cm virbhadra singh case.

हमीरपुर में हिमाचल भाजपा प्रभारी एवं राष्ट्रीय सचिव श्रीकांत शर्मा ने पत्रकार वार्ता में कहा कि कांग्रेस सरकार लकवाग्रस्त हो गई है। प्रदेश में विकास कार्य करने की बजाय मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह अपनी कुर्सी बचाने में लगे हुए हैं। भ्रष्टाचार में संलिप्त सरकार जनता में अपना जनाधार खो रही है। ऐसे में नैतिकता के आधार पर मुख्यमंत्री को अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।

मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह पर भ्रष्टाचार के आरोपों में सीबीआई और ईडी जांच चल रही है। कांग्रेस हाईकमान पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी भी वीरभद्र सिंह पर लगे आरोपों को छुपाने में लगे हैं। इससे स्पष्ट है कि कांग्रेस हाईकमान की मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के साथ कोई न कोई डील हुई है।

14वें वित्तायोग के तहत केंद्र सरकार की ओर से प्रदेश को 80 हजार करोड़ का बजट उपलब्ध करवाया जा रहा है। इसमें से 1600 करोड़ रुपये प्रदेश के गांवों के विकास पर खर्च होगा। आगामी पंचायत चुनाव में भाजपा का एकमात्र लक्ष्य कांग्रेस सरकार को आइना दिखाना रहेगा।

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