यूनिवर्सल कार्टन से रुकेगा बागवानों का आर्थिक शोषण, पढ़ें पूरा मामला
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यूनिवर्सल कार्टन से प्रदेश के बागवानों का देश की मंडियों में आर्थिक शोषण रुकेगा। बागवान अभी टेलीस्कोपिक कार्टन में सेब पैकिंग कर बेच रहे हैं। इससे मंडियों में सेब के पूरे दाम नहीं मिल रहे हैं।
20 किलो की टेलीस्कोपिक कार्टन में 32 से 34 किलो सेब बेचा जाता है, लेकिन दाम 20 किलो के ही मिल रहे हैं। यूनिवर्सल कार्टन में 20 किलो सेब ही भरा जा सकेगा। इससे मंडियों में उनका आर्थिक शोषण रोका जा सकेगा।
राज्य के बागवान लंबे समय से मांग कर रहे हैं कि प्रदेश में सेब पैकिंग के लिए यूनिवर्सल कार्टन शुरू किया जाए। इससे बागवानों को सेब के वजन के हिसाब से रेट मिले।
वर्ष 2012 में भी यूनिवर्सल कार्टन शुरू करने के मामले पर मुहर लगा दी थी, लेकिन इतने साल बीतने पर भी ये कार्टन उपलब्ध नहीं कराए गए। अब सरकार ने विधानसभा में भी कह दिया है कि प्रदेश में सेब बागवानों के लिए यूनिवर्सल कार्टन आरंभ कर दिए जाएंगे।
क्या कहते हैं सब्जी एवं फल उत्पादक संघ के नेता
प्रदेश सब्जी एवं फल उत्पादक संघ के अध्यक्ष हरीश चौहान कहते हैं कि टेलीस्कोपिक कार्टन से सेब बागवानों को आर्थिक नुकसान होता रहा है। इस 20 किलो के कार्टन में 32 से 34 किलो सेब भरा जाता है और 20 किलो के दाम मिलते हैं। यूनिवर्सल कार्टन में सिर्फ 20 किलो सेब ही आएगा और बागवानों का आर्थिक शोषण भी रुकेगा। यह मामला 2012 में भी उठाया गया था।
क्या है टेलीस्पोपिक कार्टन
टेलीस्कोपिक कार्टन डबल लेयर होता है। इसके ऊपरी और निचले बाहरी भाग को ऊपर और नीचे करके ज्यादा सेब भरवाया जाता है। इससे फल भी खराब हो जाते हैं।
क्या है यूनिवर्सल कार्टन
यूनिवर्स कार्टन सिंगल लेयर होता है। इसमें सेब सिर्फ 20 किलो ही भरा जा सकता है। इस कारण से सेब भी खराब नहीं होता है और दाम भी वजन के हिसाब से मिल जाता है।