वन भूमि से अवैध कब्जे छुड़ाने के लिए हाईकोर्ट का बड़ा आदेश
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वन भूमि से अवैध कब्जे छुड़ाने के लिए अब भारतीय सेना की ईको टास्क फोर्स तैनात होगी। हाईकोर्ट ने वन भूमि से अवैध कब्जे हटाने के मामले की सुनवाई के दौरान यह आदेश जारी किए।
कोर्ट ने अपने आदेश की अनुपालना के लिए भारतीय सेना की ईको टास्क फोर्स के जवानों को तैनात करने के आदेश दे दिए हैं। आदेश में कहा गया है कि फोर्स एसआईटी के सदस्यों की इस काम में मदद करेगी।
साथ ही सुनिश्चित करना होगा कि जितने भी अवैध कब्जे वन भूमि व सरकारी भूमि पर किए गए हैं उन्हें तुरंत प्रभाव से हटाया जाए। मामले की सुनवाई के दौरान एमिकस क्यूरी ने कोर्ट को एक पत्र सौंप जमीनी हकीकत से अवगत कराया।
वन अधिकारी बड़े अवैध कब्जाधारियों से मिले हुए हैं
इसमें बताया गया है कि चैथला गांव की वन भूमि के मामले में राजस्व व वन अधिकारी बड़े अवैध कब्जाधारियों से मिले हुए हैं। यह अधिकारी बाकायदा कब्जाधारियाें की मदद कर रहे हैं।
आंकड़ों से कोर्ट को गुमराह करने के लिए केवल छोटे कब्जाधारियों पर ही कार्रवाई हो रही है। पत्र में कई लोगों के नामों का उल्लेख कर बताया गया है कि किसके पास कितनी अवैध भूमि पर कब्जा है।
उच्च न्यायालय ने जिलाधीश को दिए ये आदेश
प्रदेश उच्च न्यायालय ने जिलाधीश शिमला को आदेश दिए हैं कि वह एसआईटी को मदद करने के लिए कुशल व तकनीकी तौर पर काबिल लोगों को तैनात करें। प्रधान मुख्य अरण्यपाल ने न्यायालय को बताया कि अवैध कब्जे हटाने के लिए केवल 125 कर्मियों को तैनात किया गया है।
न्यायालय ने पाया कि अवैध कब्जों की संख्या को देखते हुए इनकी संख्या बहुत कम है। जिस पर न्यायालय ने भारतीय सेना के जवानों को भी तैनात करने के आदेश पारित कर दिए।
मामले पर अगली सुनवाई 24 जुलाई को होगी। इसके अलावा न्यायालय ने 24 जुलाई को एक्शन रिपोर्ट न्यायालय के समक्ष दायर करने के आदेश पारित किए हैं।