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Shimla News: अंदर ईसी की बैठक, बाहर चलता रहा प्रदर्शन, छात्र संगठनों की पुलिस से झड़प
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शिमला। दिन: शनिवार, समय सुबह 10:30 बजे। प्रदेश विश्वविद्यालय में कुलपति कार्यालय के बाहर छात्रों और कर्मचारी नेताओं की भीड़ जुटना शुरू हो गई। ईसी की बैठक से पहले गैर शिक्षक कर्मचारियों ने एडमिन ब्लॉक से रैली निकाली और ये सभी कुलपति कार्यालय के बाहर पहुंच गए। प्रदर्शन में ईसी सदस्य सुरेश कुमार भी शामिल रहे। कर्मचारियों ने रिक्त पड़े गैर शिक्षक पदों पर नियमित भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की मांग उठाई। कहा कि विवि में 500 से अधिक पद खाली होने से कामकाज प्रभावित हो रहा है। मौजूदा कर्मचारियों पर कार्यभार बढ़ता जा रहा है।
इसी दौरान यहां से ईसी के सदस्य भी बैठक के लिए पहुंचे। कर्मचारियों ने इन्हें अपने ज्ञापन सौंपे। 10:40 बजे शहरी विधायक हरीश जनारथा कुलपति कार्यालय पहुंचे। उनके पहुंचते ही एबीवीपी, एसएफआई और एनएसयूआई के छात्र प्रतिनिधियों ने उन्हें घेर लिया और ज्ञापन सौंपे। छात्र संगठनों ने फीस वृद्धि वापस लेने, प्रो-वाइस चांसलर का कार्यकाल समाप्त करने और रिक्त कर्मचारी पदों पर भर्ती शुरू करने की मांग रखी। 10:45 बजे एसएफआई ने परिसर में प्रदर्शन तेज कर दिया। संगठन ने पोस्टर लटकाए, डफली बजाकर नारे लगाए। 17 सूत्रीय मांगपत्र पर कार्रवाई की मांग की।
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पुतला जलाने को लेकर पुलिस से झड़प
11:00 बजे ईसी बैठक शुरू हुई और इस दौरान एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने समरहिल चौक से वीसी कार्यालय तक कुलपति के पुतले की शव यात्रा निकाली। करीब 11:20 बजे छात्रों ने कुलपति कार्यालय के बाहर पेट्रोल डालकर पुतला जलाने की कोशिश की। इसी दौरान यहां तैनात पुलिस टीम और क्यूआरटी ने उन्हें रोक दिया। पुलिस और एबीवीपी के छात्र कार्यकर्ताओं के बीच धक्कामुक्की हुई और हल्की झड़प भी हो गई। कुछ कार्यकर्ताओं ने मुख्य गेट तोड़कर परिसर में घुसने का प्रयास किया जिसे पुलिस ने रोका। करीब 11:35 बजे पुलिस के रोकने के बावजूद प्रदर्शनकारियों ने कुलपति के फोटो जलाकर सांकेतिक विरोध दर्ज कराया।
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बाहर जारी रही नारेबाजी
कुलपति कार्यालय में अंदर बैठक जारी रही जबकि बाहर प्रदर्शन चलता रहा। गैर शिक्षक कर्मचारी, एबीवीपी, एसएफआई और एनएसयूआई के छात्र कार्यकर्ता कुलपति कार्यालय के बाहर अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी करते रहे। सभी संगठन अलग-अलग मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे लेकिन कुलपति कार्यालय के बाहर एक साथ विरोध होने से परिसर में दिन भर माहौल गरमाया रहा। इस दौरान पुलिस बल पूरे समय परिसर में तैनात रहा और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी गई।
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छात्रों ने ये मांगें उठाईं
एसएफआई परिसर अध्यक्ष मुकेश ने प्रो-वाइस चांसलर का पद समाप्त करने, केंद्रीय छात्रसंघ चुनाव बहाल करने, फीस वृद्धि वापस लेने जबकि एबीवीपी कैंपस अध्यक्ष अक्षय ठाकुर ने डे-स्कॉलर के लिए अतिरिक्त बसें चलाने, नए छात्रावासों के निर्माण, भर्ती प्रक्रियाओं की समीक्षा, विभागाध्यक्षों की नियुक्तियों में पारदर्शिता, यूजीसी सीएएस पदोन्नतियों और वित्तीय मामलों की जांच सहित विभिन्न मुद्दों पर परिषद से निर्णय लेने की मांग की। एनएसयूआई कैंपस अध्यक्ष रनदीप ठाकुर ने फीस वृद्धि वापस लेने और प्रवेश परीक्षाओं में ओबीसी आरक्षण की मांग उठाई।
इसी दौरान यहां से ईसी के सदस्य भी बैठक के लिए पहुंचे। कर्मचारियों ने इन्हें अपने ज्ञापन सौंपे। 10:40 बजे शहरी विधायक हरीश जनारथा कुलपति कार्यालय पहुंचे। उनके पहुंचते ही एबीवीपी, एसएफआई और एनएसयूआई के छात्र प्रतिनिधियों ने उन्हें घेर लिया और ज्ञापन सौंपे। छात्र संगठनों ने फीस वृद्धि वापस लेने, प्रो-वाइस चांसलर का कार्यकाल समाप्त करने और रिक्त कर्मचारी पदों पर भर्ती शुरू करने की मांग रखी। 10:45 बजे एसएफआई ने परिसर में प्रदर्शन तेज कर दिया। संगठन ने पोस्टर लटकाए, डफली बजाकर नारे लगाए। 17 सूत्रीय मांगपत्र पर कार्रवाई की मांग की।
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पुतला जलाने को लेकर पुलिस से झड़प
11:00 बजे ईसी बैठक शुरू हुई और इस दौरान एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने समरहिल चौक से वीसी कार्यालय तक कुलपति के पुतले की शव यात्रा निकाली। करीब 11:20 बजे छात्रों ने कुलपति कार्यालय के बाहर पेट्रोल डालकर पुतला जलाने की कोशिश की। इसी दौरान यहां तैनात पुलिस टीम और क्यूआरटी ने उन्हें रोक दिया। पुलिस और एबीवीपी के छात्र कार्यकर्ताओं के बीच धक्कामुक्की हुई और हल्की झड़प भी हो गई। कुछ कार्यकर्ताओं ने मुख्य गेट तोड़कर परिसर में घुसने का प्रयास किया जिसे पुलिस ने रोका। करीब 11:35 बजे पुलिस के रोकने के बावजूद प्रदर्शनकारियों ने कुलपति के फोटो जलाकर सांकेतिक विरोध दर्ज कराया।
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बाहर जारी रही नारेबाजी
कुलपति कार्यालय में अंदर बैठक जारी रही जबकि बाहर प्रदर्शन चलता रहा। गैर शिक्षक कर्मचारी, एबीवीपी, एसएफआई और एनएसयूआई के छात्र कार्यकर्ता कुलपति कार्यालय के बाहर अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी करते रहे। सभी संगठन अलग-अलग मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे लेकिन कुलपति कार्यालय के बाहर एक साथ विरोध होने से परिसर में दिन भर माहौल गरमाया रहा। इस दौरान पुलिस बल पूरे समय परिसर में तैनात रहा और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी गई।
छात्रों ने ये मांगें उठाईं
एसएफआई परिसर अध्यक्ष मुकेश ने प्रो-वाइस चांसलर का पद समाप्त करने, केंद्रीय छात्रसंघ चुनाव बहाल करने, फीस वृद्धि वापस लेने जबकि एबीवीपी कैंपस अध्यक्ष अक्षय ठाकुर ने डे-स्कॉलर के लिए अतिरिक्त बसें चलाने, नए छात्रावासों के निर्माण, भर्ती प्रक्रियाओं की समीक्षा, विभागाध्यक्षों की नियुक्तियों में पारदर्शिता, यूजीसी सीएएस पदोन्नतियों और वित्तीय मामलों की जांच सहित विभिन्न मुद्दों पर परिषद से निर्णय लेने की मांग की। एनएसयूआई कैंपस अध्यक्ष रनदीप ठाकुर ने फीस वृद्धि वापस लेने और प्रवेश परीक्षाओं में ओबीसी आरक्षण की मांग उठाई।