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हिमाचल प्रदेश: धर्मशाला में भूकंप के झटकों से हिली धरती, रिक्टर पैमाने पर तीन रही तीव्रता
Sat, 08 May 2021 08:39 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: शाहरुख खान
Updated Sat, 08 May 2021 08:39 AM IST
सार
हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में शनिवार सुबह भूकंप के झटके महसूस किए गए। रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 3 रही।
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भूकंप
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में शनिवार सुबह भूकंप के झटके महसूस किए गए। रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 3 रही। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी ने इसकी पुष्टि की है। हालांकि भूकंप से किसी प्रकार की जान-माल की हानि नहीं हुई है।
इससे पहले पांच मई को असम के सोनितपुर में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 3.5 रही। असम में 28 अप्रैल को भी भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए थे। उस समय भूकंप की तीव्रता 6.4 तीव्रता मापी गई थी।
क्यों आता है भूकंप
धरती मुख्य तौर पर चार परतों से बनी होती हैं। इनर कोर, आउटर कोर, मैनटल और क्रस्ट। क्रस्ट और ऊपरी मैन्टल कोर को लिथोस्फेयर कहते हैं। ये 50 किलोमीटर की मोटी परत कई वर्गों में बंटी हुई है जिसे टैकटोनिक प्लेट्स कहते हैं। ये टैकटोनिक प्लेट्स अपनी जगह पर कंपन करती रहती हैं और जब इस प्लेट में बहुत ज्यादा कंपन हो जाती हैं, तो भूकंप महसूस होता है।
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जानिए भूकंप के केंद्र और तीव्रता का क्या मतलब है?
भूकंप का केंद्र वह स्थान होता है जिसके ठीक नीचे प्लेटों में हलचल से धरती हिलने लगती है। इस स्थान पर या इसके आसपास के क्षेत्रों में भूकंप का असर ज्यादा होता है। अगर रिक्टर स्केल पर 7 या इससे अधिक की तीव्रता वाला भूकंप है तो आसपास के 40 किमी के दायरे में झटका तेज होता है।
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Magnitude 3 earthquake hits Dharamshala, Himachal Pradesh: National Center for Seismology
— ANI (@ANI) May 8, 2021
इससे पहले पांच मई को असम के सोनितपुर में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 3.5 रही। असम में 28 अप्रैल को भी भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए थे। उस समय भूकंप की तीव्रता 6.4 तीव्रता मापी गई थी।
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क्यों आता है भूकंप
धरती मुख्य तौर पर चार परतों से बनी होती हैं। इनर कोर, आउटर कोर, मैनटल और क्रस्ट। क्रस्ट और ऊपरी मैन्टल कोर को लिथोस्फेयर कहते हैं। ये 50 किलोमीटर की मोटी परत कई वर्गों में बंटी हुई है जिसे टैकटोनिक प्लेट्स कहते हैं। ये टैकटोनिक प्लेट्स अपनी जगह पर कंपन करती रहती हैं और जब इस प्लेट में बहुत ज्यादा कंपन हो जाती हैं, तो भूकंप महसूस होता है।
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जानिए भूकंप के केंद्र और तीव्रता का क्या मतलब है?
भूकंप का केंद्र वह स्थान होता है जिसके ठीक नीचे प्लेटों में हलचल से धरती हिलने लगती है। इस स्थान पर या इसके आसपास के क्षेत्रों में भूकंप का असर ज्यादा होता है। अगर रिक्टर स्केल पर 7 या इससे अधिक की तीव्रता वाला भूकंप है तो आसपास के 40 किमी के दायरे में झटका तेज होता है।