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ई श्रम कार्ड बनाने पर मिलेगा बीमा समेत योजनाओं का लाभ
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कामगारों को कार्ड बनाने के लिए जागरूक कर रहा श्रम विभाग
बिना कोई शुल्क दिए बनेगा कार्ड, लोकमित्र केंद्र पर भी नहीं लगेंगे पैसे
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले हजारों कामगार अब ई श्रम कार्ड बनाकर सरकारी योजनाओं का लाभ ले सकते हैं। यह कार्ड बनाने पर न सिर्फ कामगारों का दो लाख रुपये तक का बीमा होगा बल्कि राशनकार्ड, आयुष्मान कार्ड जैसी सुविधाएं भी आने वाले समय पर ई श्रम कार्ड से जोड़ी जाएंगी।
श्रम विभाग ने शहर के कामगारों को केंद्र सरकार की इस योजना की जानकारी देने के लिए जागरूकता अभियान शुरू कर दिया है। वीरवार को श्रम अधिकारी शिमला चंद्रमणि शर्मा, श्रम निरीक्षक सतीश कौशल और अनिल चौहान ने संजौली में जाकर कामगारों को इसकी जानकारी दी। संजौली व्यापार मंडल के अध्यक्ष सतीश सूद भी मौजूद रहे और दुकानदारों के पास काम करने वाले लोगों को इस योजना के बारे में बताया। अधिकारियों ने बताया कि जो लोग असंगठित क्षेत्र में काम करते हैं, जो ईपीएफ या ईएसआई आदि के दायरे में नहीं आते हैं, वह श्रम विभाग के पोर्टल पर जाकर अपना ई श्रम कार्ड बनवा सकते हैं। 31 दिसंबर तक यह कार्ड बनाए जा सकते हैं। कामगार खुद भी पोर्टल पर पंजीकरण कर सकते है। इसके अलावा लोकमित्र केंद्रों पर जाकर भी निशुल्क पंजीकरण हो रहा है। संजौली एरिया में चार कैंप वीरवार को लगाए गए जिसमें 150 से अधिक कामगारों को जागरूक किया गया। आने वाले दिनों में शहर के बाकी उपनगरों के कामगारों को भी जागरूक किया जाएगा।
पंजीकरण के लिए चाहिए यह तीन चीजें
श्रम अधिकारियों के अनुसार ई श्रम पोर्टल पर अपना ई श्रम कार्ड बनाने के लिए कामगारों को अपना आधार कार्ड, बैंक खाता नंबर और इस खाते से लिंक मोबाइल नंबर दर्ज करना होता है। इससे तुरंत ही इनका कार्ड बन जाएगा। कोरोना जैसी आपदा के समय देशभर में कामगार एक जगह से दूसरी जगह शिफ्ट हो गए थे। किसी भी राज्य के पास ऐसा कोई आंकड़ा नहीं था कि किस राज्य में कितने कामगार हैं। इनकी संख्या पता करने के लिए अब हर राज्य में कामगारों का पंजीकरण किया जा रहा है ताकि ऐसी आपदा दोबारा आने पर इन्हें सुविधाएं मिल सके। प्रदेश में करीब 13 लाख से अधिक असंगठित क्षेत्र के कामगार होने का अनुमान है।
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बिना कोई शुल्क दिए बनेगा कार्ड, लोकमित्र केंद्र पर भी नहीं लगेंगे पैसे
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले हजारों कामगार अब ई श्रम कार्ड बनाकर सरकारी योजनाओं का लाभ ले सकते हैं। यह कार्ड बनाने पर न सिर्फ कामगारों का दो लाख रुपये तक का बीमा होगा बल्कि राशनकार्ड, आयुष्मान कार्ड जैसी सुविधाएं भी आने वाले समय पर ई श्रम कार्ड से जोड़ी जाएंगी।
श्रम विभाग ने शहर के कामगारों को केंद्र सरकार की इस योजना की जानकारी देने के लिए जागरूकता अभियान शुरू कर दिया है। वीरवार को श्रम अधिकारी शिमला चंद्रमणि शर्मा, श्रम निरीक्षक सतीश कौशल और अनिल चौहान ने संजौली में जाकर कामगारों को इसकी जानकारी दी। संजौली व्यापार मंडल के अध्यक्ष सतीश सूद भी मौजूद रहे और दुकानदारों के पास काम करने वाले लोगों को इस योजना के बारे में बताया। अधिकारियों ने बताया कि जो लोग असंगठित क्षेत्र में काम करते हैं, जो ईपीएफ या ईएसआई आदि के दायरे में नहीं आते हैं, वह श्रम विभाग के पोर्टल पर जाकर अपना ई श्रम कार्ड बनवा सकते हैं। 31 दिसंबर तक यह कार्ड बनाए जा सकते हैं। कामगार खुद भी पोर्टल पर पंजीकरण कर सकते है। इसके अलावा लोकमित्र केंद्रों पर जाकर भी निशुल्क पंजीकरण हो रहा है। संजौली एरिया में चार कैंप वीरवार को लगाए गए जिसमें 150 से अधिक कामगारों को जागरूक किया गया। आने वाले दिनों में शहर के बाकी उपनगरों के कामगारों को भी जागरूक किया जाएगा।
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पंजीकरण के लिए चाहिए यह तीन चीजें
श्रम अधिकारियों के अनुसार ई श्रम पोर्टल पर अपना ई श्रम कार्ड बनाने के लिए कामगारों को अपना आधार कार्ड, बैंक खाता नंबर और इस खाते से लिंक मोबाइल नंबर दर्ज करना होता है। इससे तुरंत ही इनका कार्ड बन जाएगा। कोरोना जैसी आपदा के समय देशभर में कामगार एक जगह से दूसरी जगह शिफ्ट हो गए थे। किसी भी राज्य के पास ऐसा कोई आंकड़ा नहीं था कि किस राज्य में कितने कामगार हैं। इनकी संख्या पता करने के लिए अब हर राज्य में कामगारों का पंजीकरण किया जा रहा है ताकि ऐसी आपदा दोबारा आने पर इन्हें सुविधाएं मिल सके। प्रदेश में करीब 13 लाख से अधिक असंगठित क्षेत्र के कामगार होने का अनुमान है।
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